ब्लास्टिंग से कांप रहा स्कूल: जर्जर भवन में पढ़ने से डर रहे बच्चे, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के पास पहुंचे ग्रामीण

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
ब्लास्टिंग होते ही स्कूल भवन लगता है हिलने, ब्लास्टिंग के समय बाहर निकल जाते हैं शिक्षक और बच्चे
रायगढ़, 2 जून 2026।
लैलूंगा तहसील के ग्राम पंचायत गंजपुर के आश्रित ग्राम बंटागर में प्राथमिक शाला का भवन अब बच्चों के लिए पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि भय का कारण बनता जा रहा है। पास के कोल माइंस में होने वाली लगातार ब्लास्टिंग के चलते स्कूल भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि हर विस्फोट के साथ उसकी दीवारें हिलने लगती हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों और अभिभावकों में किसी अनहोनी की आशंका घर कर गई है।
सोमवार को जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि पास के कोल माइन में ब्लास्टिंग के दौरान पूरा स्कूल परिसर कांप उठता है। दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि “बच्चे अब डर के कारण स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। पढ़ाई से ज्यादा उनकी सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।”

ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में मांग की है कि जर्जर हो चुके प्राथमिक शाला भवन को तत्काल निष्प्रयोज्य घोषित कर नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित वातावरण में जारी रह सके।

इसी दौरान ग्रामीणों ने एक अन्य समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि गंजपुर से बंटागर तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क, जो वर्ष 2006 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी थी, अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। वर्षों से मरम्मत न होने के कारण बारिश के दिनों में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने बरसात से पहले सड़क निर्माण की मांग भी उठाई है।
बंटागर की यह स्थिति ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की एक और तस्वीर सामने लाती है, जहां विकास परियोजनाओं के बीच सुरक्षा और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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