स्मार्ट मीटर के विरोध में 24 जुलाई को कलेक्ट्रेट मार्च, पहले तीन दिन चलेगा जनसमर्थन अभियान

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 20 जुलाई।
शहर में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों को लेकर विरोध की आवाज अब संगठित रूप लेने लगी है। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे गांधी प्रतिमा (एसपी कार्यालय के पास) से कलेक्ट्रेट तक विशाल मार्च निकालने की घोषणा की है। इस मार्च के जरिए प्रदेश सरकार और प्रशासन तक उपभोक्ताओं की शिकायतें पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
तीन दिन का हस्ताक्षर अभियान, जनसमर्थन जुटाने की रणनीति
आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए 21 से 23 जुलाई तक शहर के विभिन्न वार्डों, बाजारों, चौक-चौराहों और मोहल्लों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। संगठन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ समर्थन जुटाएंगे। साथ ही नागरिकों से अपील की जाएगी कि वे 24 जुलाई के मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
बिजली बिलों की समीक्षा और दरों में कटौती की मांग
प्रस्तावित ज्ञापन में स्मार्ट मीटर से जारी बिजली बिलों की विशेष समीक्षा, बिजली दरों में कमी, बढ़े हुए बिलों को निरस्त कर पुरानी बिलिंग व्यवस्था बहाल करने तथा बिजली कंपनियों की कथित मनमानी पर कार्रवाई की प्रमुख मांगें शामिल रहेंगी। संगठन का आरोप है कि नई व्यवस्था के बाद आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
“जनता की आवाज सरकार तक पहुंचेगी” — आरिफ हुसैन
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष आरिफ हुसैन ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है, जिससे आम लोगों में असंतोष है। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के जरिए इस असंतोष को एक संगठित स्वर देकर सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
“यह आम लोगों की लड़ाई है” — अनमोल अग्रवाल
युवा कांग्रेस के जिला महामंत्री अनमोल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल संगठन का नहीं, बल्कि उन सभी उपभोक्ताओं की लड़ाई है जो बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों से संपर्क करने और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया।
प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
24 जुलाई को कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगा। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जनभागीदारी पर टिकी आंदोलन की दिशा
बिजली बिलों को लेकर बढ़ती नाराज़गी के बीच यह आंदोलन अब जनभागीदारी पर निर्भर करता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विरोध किस स्तर तक प्रभाव डाल पाता है और क्या प्रशासन व सरकार उपभोक्ताओं की चिंताओं का समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाते हैं।
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