रायगढ़ में उबाल: ‘जंतर-मंतर’ की तर्ज पर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, नीट घोटाले और सोनम वांगचुक के समर्थन में गूंजा शहर

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़, 20 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में सोमवार को जनाक्रोश उस समय सड़कों पर उतर आया, जब सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोग एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर आयोजित इस प्रदर्शन ने न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों को भी केंद्र में ला खड़ा किया।
अंबेडकर चौक से शुरू हुआ यह जनसैलाब तिरंगे, बैनर और मांगों से भरी तख्तियों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों की आवाज़ों में गूंजता आक्रोश साफ संकेत दे रहा था कि युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों में व्यवस्था के प्रति असंतोष गहराता जा रहा है।
नीट पेपर लीक बना केंद्रबिंदु, युवाओं में गुस्सा
प्रदर्शन का मुख्य कारण हाल ही में सामने आए नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक का मामला रहा, जिसने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर दिया है। रायगढ़ में भी इस मुद्दे को लेकर गहरी नाराज़गी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
सोनम वांगचुक के समर्थन में भी उठी आवाज़
इस विरोध प्रदर्शन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन को भी प्रमुखता से समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर उनकी मांगों को जायज़ बताते हुए सरकार से संवाद और समाधान की अपील की।
रोजगार और शिक्षा पर भी तीखे सवाल
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को भी जोरदार तरीके से उठाया। “डिग्रियां नहीं, रोजगार चाहिए” जैसे नारों ने इस बात को रेखांकित किया कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर भी उतने ही आवश्यक हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
जुलूस के समापन पर कलेक्ट्रेट परिसर में सभा आयोजित की गई, जहां प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त नियंत्रण और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, प्रशासन सतर्क
पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, हालांकि भीड़ के आकार और मुद्दों की गंभीरता ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क बनाए रखा।
संकेत स्पष्ट: अब मुद्दों पर जवाबदेही की मांग
रायगढ़ का यह प्रदर्शन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि उस व्यापक असंतोष का संकेत है जो आज के युवा, छात्र और समाज के विभिन्न वर्ग महसूस कर रहे हैं। शिक्षा में पारदर्शिता, रोजगार की उपलब्धता और पर्यावरणीय सरोकार—ये तीनों मुद्दे अब जनचर्चा के केंद्र में हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इन आवाज़ों को कितनी गंभीरता से सुनता है और समाधान की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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