सहारा निवेश घोटाला: तीन साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 21 जुलाई 2026।
आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले में एक अहम सफलता हासिल करते हुए लगभग तीन वर्षों से फरार चल रहे शाखा प्रबंधक विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कोतरा रोड क्षेत्र से पकड़ा गया और न्यायालय में पेशी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भर नहीं, बल्कि हजारों निवेशकों के भरोसे के साथ हुए बड़े वित्तीय छल की परतें खोलने वाला है। अब तक की जांच में सामने आया है कि जिले समेत अन्य क्षेत्रों के कुल 3,848 निवेशकों से 40 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की राशि योजनाबद्ध तरीके से हड़पी गई।

विश्वास का जाल और निवेश का खेल
प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2022 में तब हुई, जब कृष्णा विहार निवासी विकास निगानिया ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि सहारा इंडिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और रिजर्व बैंक से अधिकृत होने का झांसा देकर उनसे और उनके परिवार से वर्ष 2017 के दौरान बड़ी रकम विभिन्न योजनाओं में निवेश कराई।
निवेश अवधि पूरी होने के बाद भी जब राशि वापस नहीं मिली, तब मामला सामने आया। जांच में यह तथ्य भी उभरा कि निवेशकों से रकम सहारा इंडिया के नाम पर ली गई, लेकिन बांड विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से जारी किए गए—जो सुनियोजित धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है।
जांच में सामने आई व्यापक साजिश
पुलिस की विवेचना में जिला प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और अन्य विभागों से जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के कई स्तरों पर पदस्थ अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। इससे पहले भी इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें शाखा प्रबंधक, सेक्टर मैनेजर और रीजनल स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खाते, नियुक्ति दस्तावेज, संपत्ति से संबंधित कागजात और धोखाधड़ी से अर्जित वाहनों को जब्त किया है, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है।
फरारी से गिरफ्तारी तक
गिरफ्तार आरोपी विजय कुमार शराफ लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह कोतरारोड़ स्थित अपने ससुराल आया हुआ है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि की है। उसके कब्जे से सहारा इंडिया से संबंधित प्रशासनिक आदेश पत्र, एमओयू की प्रतियां और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
पुलिस का संदेश: आर्थिक अपराधों पर सख्ती जारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, वैसी ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, एएसआई विल्फ्रेड मसीह और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अभी और खुलासे संभव
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हजारों निवेशकों के लिए यह कार्रवाई एक उम्मीद जरूर जगाती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—क्या उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल पाएगी?
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