Latest News

पत्नी की हत्या में पति को सख्त सजा, अदालत का स्पष्ट संदेश—हिंसा बर्दाश्त नहीं

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़, 19 अगस्त। घरेलू कलह किस तरह एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ सकता है, इसका दर्दनाक उदाहरण धर्मजयगढ़ क्षेत्र से सामने आया था, जिसमें अब अदालत ने पांच साल बाद अपना फैसला सुनाया है। पत्नी की हत्या के आरोपी पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामूली विवाद ने ली जान

घटना 26 मई 2021 की रात की है। धर्मजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत रैरूमा खुर्द चौकी के ग्राम बोकीटोला पतरापारा निवासी अभिलाल एक्का घर पहुंचा और अपनी पत्नी क्षमा एक्का से सब्जी बनाने को कहा। बताया जाता है कि पत्नी द्वारा उसकी बात को अनसुना करने पर वह गुस्से में आपा खो बैठा।

गुस्से में आरोपी ने पास में रखा बांस का डंडा उठाया और पत्नी के सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से क्षमा एक्का मौके पर ही गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। एक मामूली घरेलू विवाद ने देखते ही देखते हत्या का रूप ले लिया।

खुद बताया वारदात का सच

घटना के बाद आरोपी ने अगले दिन अपने चचेरे भाई महेश एक्का को पूरी बात बताई। मामले की गंभीरता समझते हुए महेश ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।

पुलिस कार्रवाई और चार्जशीट

रैरूमा खुर्द चौकी पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। आवश्यक साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

अदालत का फैसला

घरघोड़ा न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद आरोपी अभिलाल एक्का को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

अभियोजन की भूमिका

मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने स्पष्ट रूप से हत्या का अपराध सिद्ध माना।

सामाजिक संकेत

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि क्षणिक आवेश और घरेलू विवाद किस तरह अपरिवर्तनीय परिणाम ला सकते हैं। न्यायालय का यह फैसला न केवल अपराधी को दंडित करता है, बल्कि ऐसे मामलों में कानून की सख्ती का संदेश भी देता है।

See also  जिंदल आषा, जिंदल फाउण्डेषन, जेपीएल तमनार में ’विष्व दिव्यांगजन दिवस 2025’ का आयोजन

अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button