ऑपरेशन ‘क्लीन हंट’ की सटीक दस्तक: 10 महीने से फरार ट्रेलर लूटकांड का आरोपी कोरबा से गिरफ्तार

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 3 जून 2026। जिले में लंबित मामलों और फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। बहुचर्चित हुंकराडीपा ट्रेलर लूटकांड में फरार चल रहे आरोपी अजय गोस्वामी (32) को पुलिस ने आखिरकार उसके गृह जिले कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले करीब 10 महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही इस मुहिम के तहत तमनार थाना पुलिस ने सुनियोजित रणनीति के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रशांत राव ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जैसे ही आरोपी के अपने गांव लौटने की सूचना मिली, पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए कोरबा में दबिश दी और उसे धर दबोचा।
क्या था मामला?
18 अगस्त 2025 की रात तमनार क्षेत्र के हुंकराडीपा के पास ट्रेलर लूट की यह वारदात हुई थी। प्रार्थी संजय पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एसबीआई कोरबा शाखा से नीलामी में खरीदे गए चार ट्रेलर वाहनों में से एक को अज्ञात बदमाशों ने लूट लिया। इस दौरान चालकों के साथ मारपीट कर उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए थे।
जांच के दौरान सामने आया कि यह कोई साधारण वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित आपराधिक साजिश थी। ट्रेलरों के पूर्व मालिक अमन गोस्वामी को इसका मुख्य षड्यंत्रकारी पाया गया। आरोपियों ने ट्रेलर वाहनों को ओडिशा ले जाकर छिपा दिया था।
तेज कार्रवाई, बड़े खुलासे
घटना के 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और ओडिशा के हमीरपुर क्षेत्र में खेत में छिपाकर रखे गए चारों ट्रेलर बरामद कर लिए गए थे। इस पूरी कार्रवाई में करीब 1 करोड़ 56 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी, जिसमें ट्रेलर, मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार शामिल थी।
हालांकि, अजय गोस्वामी और एक अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद अजय लगातार पुलिस से बचता रहा। तमनार पुलिस ने उसके ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह हर बार हाथ नहीं आया। अंततः मुखबिर की सटीक सूचना ने पुलिस को सफलता दिलाई।
आपराधिक नेटवर्क की परतें खुलीं
पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी समूहबद्ध तरीके से स्विफ्ट कार और कैम्पर वाहन में सवार होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। मामले में पांच से अधिक आरोपियों की संलिप्तता के चलते भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई थीं।
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत राव के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत और आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार की भूमिका अहम रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है।
अभी एक आरोपी फरार
मामले में एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून से बचकर भागना आसान नहीं, चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए।
Now U can Download Amar khabar from google play store also.