घरघोड़ा में वन्यजीव शिकार पर कड़ी कार्रवाई: खेत में जंगली सूअर का शिकार करते दो आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

घरघोड़ा/रायगढ़।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्ती बरत रहे वन विभाग ने घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में एक अहम कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर के शिकार में लिप्त दो लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्राम जरकट के समीप हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अवैध शिकार में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश भी गया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को नियमित गश्त के दौरान विभागीय टीम वन क्षेत्र से लगे खेतों की ओर पहुंची थी। इसी दौरान अधिकारियों की नजर दो व्यक्तियों पर पड़ी, जो एक जंगली सूअर का शिकार करने के बाद मौके पर ही उसका मांस काट रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों को मौके से पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुधराम यादव (पिता मंगलूराम यादव) और अमर साय यादव (पिता रतन सिंह यादव), दोनों निवासी ग्राम जरकट, के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने शिकार करने की बात स्वीकार कर ली है, जिसके बाद वन विभाग ने उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी।
वन अमले ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 (शिकार पर प्रतिबंध) और धारा 51 (दंड प्रावधान) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके पश्चात दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय घरघोड़ा में पेश किया गया।
वन्यजीव संरक्षण पर सख्ती के संकेत
इस कार्रवाई को वन विभाग की बढ़ती सतर्कता और सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्रों से लगे गांवों में शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार जैसे अपराधों पर आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
संरक्षण बनाम अपराध: बढ़ती चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खेतों के पास वन्यजीवों की आवाजाही के कारण कई बार मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनती है, लेकिन इसके समाधान के लिए कानूनी और वैज्ञानिक उपाय ही उचित रास्ता हैं। शिकार जैसी गतिविधियां न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
फिलहाल इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वन विभाग की सक्रियता को लेकर चर्चा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे अवैध शिकार की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
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