24 घंटे में चोर ‘क्लिक’… CCTV में कैद, जंगल से बरामद माल—छाल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 28 जुलाई।
रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में ढाबा और गैरेज से हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के सटीक उपयोग से पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी गया पूरा सामान और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली। तेज कार्रवाई से जहां एक ओर पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा मजबूत हुआ है, वहीं क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों को भी स्पष्ट संदेश गया है।
घटना ग्राम हाटी स्थित मितान ढाबा की है, जहां 25 जुलाई की रात अज्ञात युवक ने मौका पाकर बिल काउंटर से मोबाइल पार कर दिया। उसी रात पास के गैरेज को भी निशाना बनाते हुए दो प्रेसर जैक चोरी कर लिए गए। अगले दिन सुबह जब ढाबा संचालक भागीरथी साहू ने काउंटर का सामान बिखरा देखा और मोबाइल गायब पाया, तो उन्होंने थाना छाल में शिकायत दर्ज कराई। इसी दौरान गैरेज संचालक अशरफ अली ने भी अपने यहां चोरी की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़ते हुए अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रात करीब 2:15 बजे एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नजर आया—पहले वह ढाबे के काउंटर से मोबाइल उठाता है, फिर कुछ देर बाद गैरेज से भारी सामान मोटरसाइकिल में लादकर ले जाता दिखता है। यही फुटेज पूरे मामले की कड़ी साबित हुई।
सीसीटीवी से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, जिससे ग्राम कुडेकेला निवासी महेश दास महंत पर संदेह गहराया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां शुरुआती दौर में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के बाद आखिरकार उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बोकरामुड़ा और रिलो के बीच जंगल में छिपाकर रखे दो प्रेसर जैक और चोरी गया मोबाइल बरामद किया। साथ ही वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (CG 13 BC 0658) को भी जब्त कर लिया गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब ₹17,000 बताई गई है। आरोपी को 27 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, शंकर सिंह क्षत्रिय और आरक्षक भगवती लक्ष्मे की टीम ने अहम भूमिका निभाई। सीमित समय में सटीक कार्रवाई कर टीम ने एक बार फिर यह साबित किया कि आधुनिक तकनीक और स्थानीय सूचना नेटवर्क का संयोजन अपराध नियंत्रण में कितनी अहम भूमिका निभाता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य आज अपराध जांच के सबसे प्रभावी हथियार बन चुके हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण कायम रखा जा सके।
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