हादसे के बाद व्यवस्था पर सवाल: शव वाहन न मिलने से ‘छोटा हाथी’ में ले जाना पड़ा शव, व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़। ढीमरापुर मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद अब एक और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है—क्या आपात स्थितियों में भी आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो पा रही हैं? स्कूटी सवार युवती की मौत के बाद जिस तरह शव को अस्पताल तक पहुंचाया गया, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लेकिन आरोप है कि इस दौरान शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके चलते शव को एक ‘छोटा हाथी’ (मालवाहक वाहन) में अस्पताल ले जाना पड़ा। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर दिया और परिजनों के लिए यह पीड़ा और भी असहनीय बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का आईना है। एक ओर सड़क की जर्जर हालत ने एक जान ले ली, वहीं दूसरी ओर बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा—शव वाहन—की अनुपलब्धता ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सेवाएं केवल खास वर्ग तक सीमित हैं, जबकि आम और गरीब परिवारों को संकट की घड़ी में भी सम्मानजनक व्यवस्था नहीं मिल पाती?
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। नागरिकों ने मांग की है कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और तत्काल प्रभाव से शव वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता की परीक्षा है—जिसमें सुधार की तत्काल जरूरत है।
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