जांजगीर की तीन मासूम बहनों की मौत, माता-पिता अस्पताल में, जांच के घेरे में पिज्जा व दाल-बाटी

Journalist Amardeep Chauhan
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इंदौर में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का कहर
जांजगीर-चांपा/इंदौर/इटारसी।
रोजगार की तलाश में छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश गए एक परिवार पर ऐसी त्रासदी टूटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जांजगीर-चांपा जिले के मुरलीडीह गांव से इंदौर के समीप पीथमपुर में रह रहे एक दंपती की तीनों बेटियों की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई, जबकि माता-पिता का इलाज अभी जारी है। घटना ने न केवल खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मूलतः मुलमुला थाना क्षेत्र के निवासी नरेन्द्र सिंह सांडे, पीथमपुर स्थित एक निजी कंपनी में मशीन ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत हैं। वे अपनी पत्नी अमरोतिन और तीन बेटियों—आशी (10 वर्ष), विशुका (8 वर्ष) और विधि (6 वर्ष)—के साथ बेटमा थाना क्षेत्र के काली बिल्लोद स्थित लाइफ सिटी कॉलोनी में रह रहे थे।
बताया जा रहा है कि 23 अगस्त की शाम परिवार ने बाहर से मंगाया गया पिज्जा खाया था। इसके बाद रात में वे एक परिचित के घर भोजन पर गए, जहां दाल-बाटी सहित अन्य व्यंजन परोसे गए। देर रात अचानक परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
हालत बिगड़ने पर तीनों बच्चियों को देर रात स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त की रात विशुका और विधि ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सदमे में डूबे माता-पिता बिना पोस्टमार्टम कराए दोनों के शव लेकर अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में बड़ी बेटी आशी की तबीयत भी तेजी से बिगड़ गई। आनन-फानन में एम्बुलेंस को इटारसी के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक उसे भी नहीं बचा सके।
इटारसी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्ग कायम कर तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है। साथ ही बिसरा सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच टीम ने बेटमा स्थित घर से खाद्य पदार्थों और पानी के नमूने भी एकत्र किए हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संक्रमण पिज्जा से हुआ या दाल-बाटी से। पुलिस के अनुसार, जिस घर में परिवार भोजन करने गया था, वहां के अन्य सदस्य पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिससे शक की दिशा और गहरी हो गई है।
फिलहाल माता-पिता का इलाज इटारसी के अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बाहर के भोजन और खाद्य गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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