शादी का झांसा, फिर दरिंदगी की हदें—खरसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 25 अगस्त 2026। जिले में महिलाओं से जुड़े अपराधों पर सख्ती के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत खरसिया पुलिस ने एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय युवती ने थाना खरसिया में शिकायत दर्ज कराई कि गांव के ही रहने वाले हरिनारायण उर्फ करण श्रीवास (21 वर्ष) से उसकी पहचान वर्ष 2022 में हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका विश्वास जीता और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के मुताबिक, पहली घटना 18 जनवरी 2024 की है, जब वह नाबालिग थी और आरोपी के घर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने शादी का वादा कर जबरन संबंध बनाया। इसके बाद भी आरोपी ने अलग-अलग जगहों पर उसे बहला-फुसलाकर शोषण जारी रखा। वर्ष 2025 में उसे सोनबरसा क्षेत्र के जंगल में ले जाकर तथा 14 जून 2026 को झारसुगुड़ा (ओडिशा) में अपने रिश्तेदार के घर ठहराकर भी उसके साथ जबरदस्ती की गई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब 28 जुलाई 2026 को आरोपी युवती को रायगढ़ लाकर किराये के मकान में रखा और कुछ दिनों बाद शादी से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान उसने युवती के साथ मारपीट भी की और जातिसूचक अपशब्द कहे। मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित युवती 15 अगस्त को अपने गांव लौट आई।
घटना के डर और सामाजिक दबाव के कारण युवती ने शुरुआत में किसी को कुछ नहीं बताया। हालांकि 23 अगस्त को मां के पूछने पर उसने पूरी घटना साझा की, जिसके बाद थाना खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही अपराध क्रमांक 445/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(ड), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 4 और 6 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव, उप निरीक्षक संध्या कोका, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और “अभियान संवेदना” के तहत ऐसे मामलों में त्वरित एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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