फर्जी तबादला आदेश का ‘खेला’ बेनकाब: जाली हस्ताक्षर से जारी आदेश, भाजपा नेता समेत चार गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
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बलौदाबाजार। जिले में स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के कथित जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप में पुलिस ने भाजपा के जिला महामंत्री समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित साजिश और आर्थिक लेनदेन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
घटना की शुरुआत 17 अगस्त को हुई, जब स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में व्हाट्सऐप के माध्यम से एक स्थानांतरण आदेश प्राप्त हुआ। यह आदेश ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन के नाम से जारी बताया गया, जिसमें रोहांशी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से मोपर PHC में तबादले का उल्लेख था। दस्तावेज की प्रारंभिक जांच में ही संदेह गहरा गया, जब उस पर किए गए हस्ताक्षर अधिकृत हस्ताक्षर से मेल नहीं खाए।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5)—के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन, गिरौदपुरी के पूर्व सरपंच पुनीराम पटेल और कसडोल के ग्रामीण चिकित्सा सहायक रवि सेन को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, इस फर्जी तबादला आदेश के एवज में करीब एक लाख रुपये के लेनदेन की भी बात सामने आई है, जिसकी पुष्टि के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित प्रयास प्रतीत होता है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किया, किस माध्यम से इसे प्रसारित किया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और बैंकिंग लेनदेन की गहन पड़ताल जारी है।
इधर, मामला उजागर होते ही राजनीतिक स्तर पर भी त्वरित प्रतिक्रिया देखने को मिली। भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव ने आधिकारिक पत्र जारी कर कृष्णा अवस्थी को जिला महामंत्री और पुनीराम पटेल को जिला उपाध्यक्ष के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। पार्टी ने संकेत दिया है कि संगठन स्तर पर भी इस मामले की समीक्षा की जाएगी।
फिलहाल चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। प्रशासनिक दस्तावेजों के दुरुपयोग और फर्जी हस्ताक्षर जैसे गंभीर आरोपों ने इस प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
यह मामला न केवल सरकारी तंत्र में दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए फर्जीवाड़ा किस तरह नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।