“दोस्त की बेइज्जती का बदला गोली से: 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार”

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़, 22 अगस्त 2026। गेरवानी स्थित शासकीय देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में प्राइवेट गार्ड पर हुई सनसनीखेज फायरिंग की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात के बाद फरार आरोपी को बिहार के जमुई जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस राज्य की सीमाओं से परे जाकर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही।
घटना 17 अगस्त की रात की है, जब गेरवानी स्थित शराब दुकान में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड चन्द्रशेखर पटेल पर एक युवक ने अचानक पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली सीधे गार्ड के पेट में लगी। घायल अवस्था में गार्ड किसी तरह पीछे की ओर छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहा और तत्काल डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए भेजते हुए घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिनसे इस मामले की अहम कड़ी हाथ लगी। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर की गई पतासाजी के आधार पर आरोपी की पहचान विवेक कुमार यादव (19 वर्ष), निवासी जिला जमुई, बिहार के रूप में हुई, जो गेरवानी स्थित एक निजी स्टील प्लांट में मजदूरी करता था। घटना के बाद वह फरार होकर अपने गृह राज्य चला गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने बिहार के जमुई जिले में दबिश दी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान आरोपी खेत में छिपा मिला, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस को यह सफलता मिली।
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। उसने बताया कि वह अपने साथी के साथ शराब दुकान गया था, जहां गार्ड द्वारा देर रात आने पर डांट-फटकार लगाई गई। इस बात से नाराज होकर दोनों के बीच विवाद हुआ। बाद में अपने दोस्त के अपमान से आहत होकर आरोपी ने क्वार्टर से पिस्टल लाकर गार्ड पर गोली चला दी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने पिस्टल बिहार में 30 हजार रुपये में खरीदी थी और मूल रूप से उसका इरादा अपने प्लांट के फोरमैन को डराने का था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी रोशन ठाकुर अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और अंतरराज्यीय समन्वय निर्णायक साबित हुआ। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध कर फरार होने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी राज्य में जाकर क्यों न छिप जाए।
यह घटना जहां एक ओर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के बीच बढ़ते विवादों और असंतोष की ओर संकेत करती है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले ऐसे कृत्यों पर पुलिस की सख्त और पेशेवर प्रतिक्रिया को भी रेखांकित करती है।
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