रकम दोगुनी करने का लालच देकर महिलाओं से 70.77 लाख की ठगी का आरोप, महिला गिरफ्तार

घर-घर पहुंचकर बनाया भरोसा, निवेश के नाम पर जुटाई रकम; तीन बैंक खाते, एटीएम और मोबाइल जब्त, पति व मां की भूमिका की भी जांच
रायगढ़, 6 अक्टूबर 2026। शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर ग्रामीण महिलाओं से लाखों रुपये जुटाने के मामले में रायगढ़ पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी की महिलाओं से निवेश के नाम पर कुल 70 लाख 77 हजार 901 रुपये लिए गए। शिकायत और पुलिस जांच में रकम वापस नहीं किए जाने के बाद मामला सामने आया।
गिरफ्तार महिला की पहचान मेनका सारथी (37), पति अक्षय सारथी, निवासी ग्राम बरतुंगा, थाना डभरा, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी के पति अक्षय सारथी और उसकी मां मीरा सोनवानी की भूमिका भी जांच में सामने आई है। दोनों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
मायके आने पर महिलाओं से करती थी निवेश की बात
पुलिस के अनुसार, मेनका सारथी मूल रूप से ग्राम जतरी की रहने वाली है और विवाह के बाद सक्ती जिले के बरतुंगा में रहती है। वह जब भी अपने मायके आती थी, तो गांव की महिलाओं से शेयर बाजार में निवेश से मुनाफा होने की बात करती थी।
आरोप है कि धीरे-धीरे उसने महिलाओं के बीच यह विश्वास बनाया कि उसके बताए तरीके से शेयर बाजार में पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलेगा और निवेश की रकम दोगुनी हो सकती है। कथित तौर पर उसने यह भरोसा भी दिलाया कि यदि निवेश की रकम दोगुनी नहीं हुई तो वह और उसका पति अपनी जिम्मेदारी पर रकम लौटाएंगे।
इसी भरोसे के बाद कई महिलाओं ने नगद और ऑनलाइन माध्यम से उसे पैसे देना शुरू कर दिया।
किससे कितनी रकम लेने की शिकायत
पुलिस के मुताबिक, 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग महिलाओं से रकम ली गई। शिकायत में जिन प्रमुख रकमों का उल्लेख है, उनमें—
– हारा बाई निषाद — 17.53 लाख रुपये
– आरती सिदार — 3 लाख रुपये
– अनिता निषाद — 17.24 लाख रुपये
– दुजकुंवर यादव — 5 लाख रुपये
– सुशीला निषाद — 1.80 लाख रुपये
– मोहनमती सिदार — 3.30 लाख रुपये
– मुन्नी बाई सारथी — 3.40 लाख रुपये
– पुष्पा सिदार — 9 लाख रुपये
– फुलबाई यादव — 3 लाख रुपये
– विष्णु प्रिया निषाद — 7.50 लाख रुपये
सहित अन्य महिलाओं से भी रकम लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, सभी लेनदेन को मिलाकर राशि 70,77,901 रुपये तक पहुंचती है।
शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा देकर बढ़ाया भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम दी गई। इससे महिलाओं का भरोसा और मजबूत हुआ तथा बाद में उन्होंने बड़ी रकम भी आरोपी को देना शुरू कर दिया।
हालांकि, कुछ समय बाद भुगतान बंद हो गया। महिलाओं ने जब अपनी मूल रकम और कथित मुनाफा वापस मांगना शुरू किया तो विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनकी रकम शेयर बाजार में निवेश करने के बजाय अन्य कार्यों में इस्तेमाल की गई।
कुछ महिलाओं ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने दूसरे स्रोतों अथवा बैंक लोन के जरिए रकम जुटाकर निवेश किया था। रकम वापस नहीं मिलने के बाद अब उन्हें अपने ऋण की किस्तें भी चुकानी पड़ रही हैं।
बैंक खातों की जांच से मिले अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस के साइबर थाना स्तर पर लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिलाओं के बैंक खातों के साथ आरोपी के बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई गई।
जांच में आरोपी महिला के तीन अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई। बैंक ट्रांजेक्शन, शिकायतकर्ताओं के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने सक्ती जिले के बरतुंगा में दबिश देकर मेनका सारथी को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आई रोटेशन में रकम चलाने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी महिला ने कथित तौर पर बताया कि ग्रामीण महिलाओं से प्राप्त रकम को अलग-अलग लोगों के बीच रोटेशन में चलाया जा रहा था। शुरुआत में कुछ रकम मुनाफे अथवा मूलधन के रूप में लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान का सिलसिला बंद हो गया।
पुलिस का यह भी कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने एक पुरुष मित्र के साथ मिलकर निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने की योजना बनाने की बात कही है। इसके बाद उसके पति और मां के भी इस गतिविधि में शामिल होने की जानकारी सामने आई।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस की विवेचना अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मोबाइल, बैंक खाते और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से कथित लेनदेन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन, तीन बैंक खाते और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस इनसे जुड़े लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
इस मामले में 22 जुलाई 2026 को साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 11/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मेनका सारथी, अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस की अपील—गारंटी वाले मुनाफे से रहें सावधान
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर दिए जाने वाले असामान्य मुनाफे के वादों से सावधान रहने की अपील की है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि शेयर बाजार में कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने या निश्चित मुनाफे की गारंटी देने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई नहीं लगानी चाहिए। किसी व्यक्ति या संस्था के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की जानकारी लेना जरूरी है। किसी प्रकार की ठगी होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में एएसपी अनिल सोनी, एएसपी पुष्पेंद्र बघेल और डीएसपी शिखर मरावी के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, उप निरीक्षक संजय नाग, आरक्षक गोविंद पटेल, दीपक प्रधान तथा महिला आरक्षक अनिता बेक की भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके पति और मां की गिरफ्तारी शेष बताई गई है। मामले में रकम के वास्तविक उपयोग, अन्य बैंक खातों और संभावित अन्य लोगों की भूमिका को लेकर विवेचना जारी है।
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