“प्रदूषण, वन कटाई और घटती आजीविका पर उठी आवाज़—रायगढ़ में गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय अनशन”

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़। औद्योगिक विस्तार के साथ तेजी से बदलते पर्यावरणीय और सामाजिक परिदृश्य को लेकर अब जनचिंता खुलकर सामने आने लगी है। शहर में बढ़ते प्रदूषण, लगातार हो रही वन कटाई, सिमटती कृषि भूमि और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क व सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर जागरूक नागरिकों द्वारा गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय अनशन आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि रायगढ़, जो कभी हरियाली और कृषि समृद्धि के लिए जाना जाता था, आज औद्योगिक दबाव और अव्यवस्थित विकास की मार झेल रहा है। क्षेत्र में वायु और जल प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर आम जनजीवन, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वहीं, जंगलों की कटाई और कृषि भूमि के कम होते दायरे ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया है।
अनशन के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन ज्वलंत मुद्दों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे जिले के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
आयोजन समिति ने शहरवासियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस जनहित के अभियान को मजबूती दें। उनका कहना है कि जनभागीदारी ही इस प्रयास को प्रभावी बना सकती है और रायगढ़ को प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। ऐसे में यह अनशन न केवल विरोध का प्रतीक है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
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