सेवानिवृत्त शिक्षकों का गरिमामय विदाई सम्मान समारोह

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

घरघोड़ा (रायगढ़)
ग्राम-भेंडरा संकुल बालक घरघोड़ा में गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। संकुल एवं समस्त शालेय परिवार की ओर से शिक्षकों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रधान पाठक श्री सेराफिनुस लकड़ा उपस्थित रहे। उनके साथ श्रीमती अन्ना लकड़ा, श्री गोविंद राम जोल्हे (प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला नवापारा) उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विमला जोल्हे, श्री सुंदरमणी कोंध (पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी, घरघोड़ा) उनके पुत्र नवीन कोंध, तथा श्रीमती सुशीला तिर्की (सहायक शिक्षिका, प्राथमिक शाला भेंडरा) उनके पुत्र विवेक रंजन तिर्की एवं बहु श्वेता तिर्की सहित परिवारजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सरपंच हेम सिंह राठिया, उपसरपंच बच्चन सिंह राठिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शशिधर निषाद, बीआरसी मनोज प्रधान, शैक्षिक समन्वयक सतीश नेगी एवं सुनील पटेल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षाकर्मी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। साथ ही अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से आरिफ मोहम्मद एवं परमानंद साहू की गरिमामयी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
समारोह की शुरुआत स्वागत कार्यक्रम से हुई, जिसमें कर्मा नृत्य, सुआ नृत्य तथा अन्य सांस्कृतिक एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों और स्वागत गान ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
उपस्थित प्रमुख जनों में कैलाश पटेल, लिंगराज बेहरा, विजय पटेल, राजकुमार गुप्ता, नंदलाल पटेल, जगदीश सिदार, दियावती मिर्धा, जितेन्द्र कुमार पंडा, निधि केशरवानी, अनामिका राठिया, सुरेन्द्री गुप्ता, पंचम सिंह राठिया, गजानंद बारिक, अश्वनी साहू, जोगेंद्र सिदार, अल्फोस मिंज, शिवकुमारी पुरसेठ, प्रभालता तिर्की, कुसुम पैंकरा, नील कुसुम, उपमा नागवंशी, संतोषी खड़बंदे, छैमोती चौहान, गीता सारथी, ठाकुर राम राठिया, हरिराम राठिया, चन्द्रमणी राठिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान विकास खंड शिक्षा अधिकारी का उद्बोधन प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके अनुभवों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इस अवसर पर एच.एम. प्यासा जी (सेवानिवृत्त शिक्षक) भी उपस्थित रहे, जिनका सम्मान विशेष रूप से किया गया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, जिनकी शिक्षा और संस्कार पीढ़ियों तक प्रभाव छोड़ते हैं। उनके अनुशासन, समर्पण एवं सेवा भावना ने शिक्षा जगत को समृद्ध किया है।
कार्यक्रम का संचालन सुनील पटेल ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
पूरे समारोह का वातावरण भावुकता एवं सम्मान से ओत-प्रोत रहा—जहां एक ओर विदाई की कसक थी, वहीं शिक्षकों के योगदान पर गर्व भी स्पष्ट रूप से झलक रहा था।
रिपोर्टर — सुनील जोल्हे
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