रायगढ़ में ‘पुलिस यूथ यूनिटी स्पोर्ट्स’ का आगाज़: ताइक्वांडो के जरिये युवा ऊर्जा को मिली नई दिशा

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 01 मई।
सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सकारात्मक निर्माण की भी भागीदार है। इसी सोच के साथ “पुलिस यूथ यूनिटी स्पोर्ट्स” के अंतर्गत दो दिवसीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को अग्रोहा भवन में गरिमामय वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई, जहां मंच पर प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्य स्पष्ट करते हुए अधिकारियों ने इसे केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को दिशा देने वाला मंच बताया।

प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने अपने संबोधन में कहा कि रायगढ़ में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे सही मंच देने की है। उन्होंने माना कि पुलिस द्वारा इस तरह का आयोजन युवाओं को न केवल अवसर देता है, बल्कि उन्हें अनुशासन और सकारात्मक माहौल से भी जोड़ता है।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस पहल के पीछे की सोच को विस्तार से रखते हुए कहा कि खेल युवाओं को भटकाव से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए इंडोर स्पोर्ट्स के रूप में ताइक्वांडो का चयन किया गया, ताकि अधिक से अधिक युवा इसमें भाग ले सकें।

उन्होंने कहा, “खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। जब युवा मैदान से जुड़ते हैं, तो उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता स्वतः विकसित होती है।”
प्रतियोगिता में जिले के 10 क्लबों से जुड़े कुल 170 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जिन्हें अंडर-14 और अंडर-17 आयु वर्ग में विभाजित किया गया है। पहले दिन गर्ल्स कैटेगरी के मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मुकाबले छोटे लेकिन तीव्र रहे, जहां हर खिलाड़ी अगले दौर में पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंकता नजर आया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा, जब दिव्यांग बच्चों ने ताइक्वांडो का प्रदर्शन किया। सीमित शारीरिक परिस्थितियों के बावजूद उनके आत्मविश्वास और समर्पण ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को प्रभावित किया। यह प्रस्तुति न केवल तालियों की गूंज लेकर आई, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि इच्छाशक्ति के आगे बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।

आयोजन की सफलता के पीछे स्थानीय कोचों और खेल समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वरिष्ठ ताइक्वांडो कोच जयकुमार यादव सहित अन्य प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रतियोगिता के संचालन में 15 ऑफिशियल, 20 कोच और राज्य स्तरीय रेफरी सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के लिए भोजन और स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई है, जिससे आयोजन में अनुशासन और सहजता बनी रही।
शनिवार को बॉयज वर्ग के मुकाबले और फाइनल राउंड आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद पुरस्कार वितरण के साथ इस दो दिवसीय आयोजन का समापन होगा।
रायगढ़ पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें, ताकि यह पहल एक आंदोलन का रूप ले सके।
इस पूरे आयोजन ने एक बार फिर यह स्थापित किया है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर काम करें, तो खेल जैसे माध्यम से युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देना संभव है।
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