यहाँ फर्जी ‘नक्सली डर’ का खुलासा: खौफ का माहौल बनाने के लिए खुद ही लगाए बैनर, भाजपा (BJP) पदाधिकारी समेत दो गिरफ्तार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
कांकेर/गढ़चिरौली सीमा क्षेत्र से बड़ी खबर। नक्सल प्रभावित इलाके में दहशत का माहौल खड़ा करने की साजिश का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पिपली बुर्गी क्षेत्र में हाल ही में मिले कथित नक्सली बैनर-पोस्टर असली नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लगाए गए फर्जी प्रचार सामग्री निकले। इस मामले में पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक जनप्रतिनिधि सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शिवा अनिल मिस्त्री (48 वर्ष) और उसका सहयोगी रोहित रंजित मल्लिक (25 वर्ष) शामिल हैं। शिवा मिस्त्री कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 24 इरपानार से निर्वाचित सदस्य बताया जा रहा है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर इलाके में नक्सली गतिविधियों का भय पैदा करने के उद्देश्य से बैनर-पोस्टर लगाए, ताकि लोगों में दहशत फैलाई जा सके।
सर्च ऑपरेशन में हुआ खुलासा
पुलिस को सर्च ऑपरेशन के दौरान पिपली बुर्गी से करीब 5 किलोमीटर दूर एक साइनबोर्ड के नीचे लाल कपड़े पर लिखा संदिग्ध बैनर मिला। बैनर में खुद को नक्सली संगठन बताते हुए धमकी भरे संदेश लिखे गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बैनर लगाने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का मकसद क्षेत्र में भय का वातावरण बनाकर अपने हित साधना था।
एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
जिले के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सवालों के घेरे में मंशा
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह किसी निजी लाभ या प्रभाव बढ़ाने की कोशिश थी? या फिर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने की साजिश? पुलिस अब इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस तरह की फर्जी गतिविधियां न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि आम लोगों के मन में अनावश्यक भय भी पैदा करती हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़ी साजिश को समय रहते बेनकाब कर दिया है, जिससे क्षेत्र में फैलाई जा रही अफवाहों पर भी विराम लगेगा।