मुआवजे की रकम और शराब ने तोड़ा परिवार: पत्नी ने रची पति की हत्या, आत्महत्या का नाटक भी बेनकाब

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
पूंजीपथरा में ‘अंधे कत्ल’ का 48 घंटे में खुलासा; पत्नी और दो नाबालिग शामिल, गला घोंटकर हत्या के बाद कलाई काट रचा गया सुसाइड सीन
रायगढ़, 27 जुलाई 2026।
जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले एक व्यक्ति के शव ने जो कहानी पहली नजर में आत्महत्या की लग रही थी, वह पुलिस की जांच में सुनियोजित हत्या निकली। ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में 50 वर्षीय गनपती लाल भगत की मौत के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि संदिग्ध मौतों के पीछे छिपे सच को उजागर करने में पुलिस अब सतर्क और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम है।

पहली नजर में आत्महत्या, पर पुलिस को था शक
25 जुलाई को मृतक के दामाद सोनसाय उरांव ने थाना पूंजीपथरा में सूचना दी कि उसके ससुर का शव कमरे में तख्त पर पड़ा है। शव के गले में साड़ी जैसा कपड़ा बंधा हुआ था और बाएं हाथ की कलाई पर कट के निशान थे। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और शव की स्थिति ने पुलिस के संदेह को बढ़ा दिया।
मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया, जिसके बाद जांच की दिशा बदल दी गई।
मुआवजे की रकम और शराब बना विवाद की जड़
जांच के दौरान सामने आया कि गारे-पेलमा माइंस में जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे की बड़ी रकम को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव था। मृतक गनपती लाल भगत शराब का आदी था और मुआवजे की रकम का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च कर रहा था।
पत्नी गंगाबाई भगत ने पूछताछ में बताया कि इस बात को लेकर घर में अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। 23 जुलाई की सुबह भी मृतक नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। वर्षों से चल रही प्रताड़ना और आर्थिक तनाव ने उस दिन हिंसक रूप ले लिया।
हत्या के बाद रचा गया आत्महत्या का नाटक
पुलिस के मुताबिक, गुस्से में आकर पत्नी ने दो अपचारी बालकों के साथ मिलकर साड़ी और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए ब्लेड से मृतक की कलाई की नस काटी गई और शरीर को इस तरह रखा गया कि मामला सुसाइड लगे।
लेकिन पुलिस की सूक्ष्म जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
48 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
पूंजीपथरा पुलिस ने लगातार पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पत्नी गंगाबाई भगत (45 वर्ष) और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस पूरे खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हर संदिग्ध मृत्यु की जांच वैज्ञानिक और तथ्यपरक तरीके से की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी कितनी भी चालाकी से साजिश रचें, कानून से बच नहीं सकते।
(नोट: खबर में अपचारी बालकों की पहचान कानूनन गोपनीय रखी गई है।)
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