ओडिशा तक फैली तलाश, झारसुगुड़ा से धराया आरोपी: ‘अभियान संवेदना’ के तहत 14 वर्षीय बालिका सकुशल बरामद

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 1 अगस्त। जिले में गुमशुदा बच्चों की तलाश को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। थाना चक्रधरनगर क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, मामले में संलिप्त आरोपी साहिल एक्का को ओडिशा के झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित इस अभियान ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि गुमशुदा बच्चों की तलाश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मेडिकल स्टोर जाने निकली, फिर नहीं लौटी घर
घटना 30 मई 2026 की है, जब नाबालिग बालिका घर से दवा लेने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में काफी तलाश की, परंतु कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 31 मई को थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर नेटवर्क से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 11 दिन बाद, 11 जून को बालिका को ट्रांसपोर्ट नगर जूटमिल क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका का कथन दर्ज कराया गया और बाल कल्याण समिति के माध्यम से उसकी काउंसलिंग कराई गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का बालिका को बिना अभिभावकों की जानकारी के अपने साथ लेकर गया था। इसके आधार पर प्रकरण में की धारा 18 भी जोड़ी गई। हालांकि, बालिका ने किसी भी प्रकार के दुष्कर्म से इंकार किया है।
झारसुगुड़ा में घेराबंदी, स्टेशन से गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान आरोपी के ओडिशा के में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद 30 जुलाई को पुलिस टीम वहां पहुंची और रेलवे स्टेशन व आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने स्टेशन परिसर में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी साहिल एक्का (23 वर्ष), निवासी रामभांठा, जवाहर नगर, रायगढ़ के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक दिनेश मिंज, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी और आरक्षक दिलीप भानू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
‘हर बच्चे की सुरक्षित वापसी हमारी जिम्मेदारी’
एसएसपी ने कहा कि “रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक गुमशुदा बालक-बालिका की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘अभियान संवेदना’ के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान न केवल गुमशुदा बच्चों की तलाश में कारगर साबित हो रहा है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत कर रहा है।
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