दिल्ली में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर 1 दिसंबर से देशव्यापी आंदोलन की तैयारी तेज
Journalist Amardeep Chauhan
amarkhabar.com
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक में छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से सहभागिता का निर्णय

रायपुर/बिलासपुर। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और निष्पक्ष कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू किए जाने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (छत्तीसगढ़) की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी 1 दिसंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यकारिणी, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष एवं सक्रिय सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान आंदोलन की रूपरेखा, संगठनात्मक समन्वय और राज्यों से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों राकेश प्रताप सिंह परिहार एवं महफूज खान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा अब केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश के पत्रकारों की साझा चिंता बन चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहल के बाद अब अन्य राज्यों में भी इस आंदोलन को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है और विभिन्न प्रदेशों से पत्रकार बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि 1 दिसंबर से जंतर-मंतर पर शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकालीन होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित कर जल्द से जल्द ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ को लागू कराना है। संगठन का मानना है कि जब तक पत्रकारों के लिए ठोस कानूनी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनती, तब तक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता पर दबाव और खतरे बने रहेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की जानकारी साझा की। सभी सदस्यों ने एकमत से ‘दिल्ली कूच’ का समर्थन करते हुए निर्णय लिया कि आने वाले दिनों में प्रत्येक जिले में अलग-अलग बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक पत्रकारों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
बैठक में शामिल प्रमुख सदस्यों में राकेश प्रताप सिंह परिहार, महफूज खान, गोविंद शर्मा, राकेश तंबोली, क्रांति रावत, नरेंद्र चौबे, राजेश सोनी, नरेश चौहान, गुड्डू फारूकी, नारायण बाइन, नेहरू देवांगन, रामकृष्ण पाठक, उमा यादव, सुरजीत सिंह रैना, कुसुम, गुरचरण एवं नीरज विश्वास सहित अनेक पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
संगठन ने दोहराया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के संवैधानिक संरक्षण की मांग को लेकर है, जिसमें देशभर के पत्रकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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