पीडीएस घोटाले पर पुलिस-खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो दुकानों में लाखों का अनाज गबन उजागर; दो गिरफ्तार, कई फरार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए भेजे जाने वाले खाद्यान्न में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। धरमजयगढ़ क्षेत्र की दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में की गई जांच के बाद लाखों रुपये के चावल, शक्कर और नमक की कमी उजागर हुई है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग और पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
ससकोबा दुकान में ₹12.89 लाख का गबन उजागर
जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम ससकोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 में भौतिक सत्यापन के दौरान भारी अनियमितता पाई गई। जांच में लगभग 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर तथा 8.03 क्विंटल नमक की कमी सामने आई, जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹12,89,375 आंकी गई है।
जांच में यह भी पाया गया कि अगस्त 2026 में ई-पॉस मशीन में हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लिए जाने के बावजूद कई लोगों को वास्तविक रूप से राशन का वितरण नहीं किया गया। इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
मामले में सरोज स्व सहायता समूह द्वारा संचालित दुकान की अध्यक्ष उमाबाई राठिया और सचिव माधुरी बाई राठिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है। वहीं विक्रेता बिहारी राठिया फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
गनपतपुर दुकान में ₹18.86 लाख की कमी, जांच में गंभीर अनियमितता
इसी प्रकार ग्राम गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 में भी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी पाई गई। जांच में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक की कमी दर्ज की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹18,86,345 बताई गई है।
यह दुकान जननी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित थी, जिसमें अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान की भूमिका सामने आई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर इनके विरुद्ध भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
दो अलग-अलग अपराध दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने दोनों मामलों में अपराध क्रमांक 288/2026 एवं 289/2026 के तहत धारा 3 एवं 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों और भौतिक स्टॉक में भारी अंतर सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि योजनाबद्ध तरीके से खाद्यान्न का गबन किया गया है। आगे की जांच में अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि गरीब हितग्राहियों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि—
“शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे, यह हमारी प्राथमिकता है। PDS में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या गबन पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है, वहीं अन्य दुकानों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है।
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