बरौद नया बस्ती में तीन स्थानों पर सजे गणपति पंडाल, ‘विघ्नहर्ता’ से विकास की राह खोलने की प्रार्थना

Journalist Amardeep Chauhan
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घरघोड़ा। ग्राम बरौद के नया बस्ती क्षेत्र में इस वर्ष गणेश उत्सव आस्था और उम्मीद—दोनों का संगम बनकर सामने आया। बस्ती के तीन अलग-अलग स्थानों पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। ढोल-ताशों, आरती और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के बीच पूरा इलाका देर तक भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह पहला अवसर नहीं है जब नया बस्ती में सामूहिक रूप से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार उत्साह के साथ-साथ अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर एक साझा आवाज भी सामने आई। पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता के समक्ष क्षेत्र में बिजली, पेयजल, सड़क, पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने की प्रार्थना की।

नया बस्ती में निवासरत परिवारों का कहना है कि बसाहट को बने काफी समय बीत चुका है, बावजूद इसके अब तक कई मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं। बरसात के दिनों में आवागमन की समस्या, पेयजल की अनियमितता और स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में धार्मिक आयोजन उनके लिए सिर्फ आस्था का विषय नहीं, बल्कि अपनी बात रखने का एक प्रतीकात्मक माध्यम भी बन गया है।
उत्सव में महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चों ने सजावट, आरती और सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शाम होते ही पंडालों में आरती के समय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां प्रसाद वितरण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया।

ग्रामीणों का विश्वास है कि भगवान गणेश की कृपा से उनकी समस्याओं का समाधान अवश्य होगा और नया बस्ती भी जल्द ही विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से भी लोगों ने अपेक्षा जताई है कि वे इस बस्ती की मूलभूत जरूरतों की ओर गंभीरता से ध्यान दें।
आस्था के इस पर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गांव की चौपाल से लेकर पूजा पंडाल तक, लोगों की उम्मीदें अब विकास की ठोस जमीन तलाश रही हैं।
गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया!
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