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NTPC तलाईपल्ली कोल माइंस में रोजगार का सवाल: प्रभावितों ने VPR में पारदर्शिता और प्राथमिकता की उठाई मांग”

Journalist Amardeep Chauhan
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नियमानुसार रोजगार प्रदान करने सौंपा गया ज्ञापन

रायगढ़।
एनटीपीसी तलाईपल्ली कोल माइंस परियोजना से प्रभावित परिवारों के बीच रोजगार और पुनर्वास को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। प्रभावित ग्रामीणों ने महाप्रबंधक (HR), VPR एनटीपीसी तलाईपल्ली को संबोधित एक औपचारिक आवेदन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि परियोजना से विस्थापित और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार रोजगार (VPR) द्वारा प्रदान किया जाए तथा इस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि तलाईपल्ली परियोजना के कारण क्षेत्र के कई गांवों के परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति, सरकारी दिशा-निर्देशों और स्वीकृत योजना के तहत प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और अन्य लाभ मिलना उनका अधिकार है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि कानूनी और नैतिक दायित्व भी है।

प्रभावित पक्ष ने यह भी गंभीर सवाल उठाया है कि यदि परियोजना में गैर-प्रभावित व्यक्तियों को भी रोजगार या VPR के तहत अवसर दिए जा रहे हैं, तो इससे वास्तविक प्रभावितों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि पात्रता सूची सार्वजनिक की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि किन आधारों पर नियुक्तियां की जा रही हैं, ताकि किसी प्रकार की भेदभाव या पक्षपात की स्थिति न बने।



आवेदन में यह भी कहा गया है कि रोजगार वितरण की प्रक्रिया यदि अपारदर्शी रही तो इससे क्षेत्र में असंतोष और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे समय रहते स्थिति को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सूत्रों के अनुसार, आवेदन की प्रतिलिपि एनटीपीसी तलाईपल्ली परियोजना के महाप्रबंधक को भी भेजी गई है, जिससे मामले पर उच्च स्तर पर भी विचार किया जा सके। प्रभावितों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।

फिलहाल इस पूरे मामले पर एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

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Amar Chouhan

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