तमनार पुलिस ने नाबालिग को ओडिशा से छुड़ाया, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत तमनार पुलिस ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए गुमशुदा 14 वर्षीय बालिका को महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने शादी का झांसा देकर बालिका को ओडिशा की ओर ले जा रहे आरोपी को पीछा कर पकड़ते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना तमनार में एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपराध कायम कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव ने तत्काल टीम गठित कर तकनीकी और मैदानी दोनों स्तर पर खोजबीन तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने बालिका के मोबाइल फोन की गतिविधियों, सोशल मीडिया संपर्कों और उसकी सहेलियों से पूछताछ के जरिए अहम सुराग जुटाए। इसी कड़ी में सामने आया कि गांव में नल-जल योजना के तहत काम करने वाला एक युवक नशरूल आलम उससे संपर्क में था। पुलिस ने संदिग्ध के मोबाइल नंबर के आधार पर बातचीत शुरू की, लेकिन वह लगातार भ्रामक जानकारी देता रहा।
इसी दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग तब मिला, जब फोन पर बातचीत के दौरान पुलिस को ट्रेन की आवाज सुनाई दी। इस संकेत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आशंका जताई कि आरोपी बालिका को लेकर ट्रेन से ओडिशा की ओर जा रहा है। बिना देर किए पुलिस टीम रवाना हुई और सड़क मार्ग से टाटानगर पहुंची, जहां दोनों के हाल ही में वहां से निकलने की जानकारी मिली।
पुलिस ने लगातार पीछा जारी रखा और इसी दौरान रास्ते में संदेही युवक और बालिका दिखाई दिए। सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने जैसे ही उन्हें रोकने की कोशिश की, आरोपी को पुलिस की भनक लग गई और वह भागने लगा। थाना प्रभारी और टीम ने तत्परता दिखाते हुए काफी दूरी तक दौड़ लगाकर आरोपी को पकड़ लिया और बालिका को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
थाने लाकर बालिका का कथन दर्ज कराया गया, जिसमें उसने बताया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसका शोषण किया। इस आधार पर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 87, 65(1) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी। आरोपी नशरूल आलम (22 वर्ष), निवासी मोहम्मदपुर स्कूलटोला थाना किशनगंज जिला किशनगंज (बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई को एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत राव के साथ एएसआई सुरति लाल सिदार, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दीपचंद चन्द्रवंशी, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, आरक्षक रंजित भगत, पुरुषोत्तम सिदार और महिला प्रधान आरक्षक रश्मि तिर्की की अहम भूमिका रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि तकनीकी साक्ष्य और फील्ड वर्क के समन्वय से गंभीर मामलों में तेजी से सफलता हासिल की जा सकती है।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️