माँ बंजारी धाम तराईमाल में नवरात्र पर्व की तैयारियाँ अंतिम चरण में, प्रशासन व समिति ने संभाली कमान


रायगढ़ जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ बंजारी धाम तराईमाल में आगामी शारदीय नवरात्र पर्व एवं 72वीं मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलन को लेकर व्यापक तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में रविवार को एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों, मंदिर समिति, स्थानीय सेवकों एवं औद्योगिक प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
बैठक का मार्गदर्शन जिला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में हुआ, जबकि अध्यक्षता एसडीएम घरघोड़ा श्री प्रवीण तिवारी द्वारा की गई। इस अवसर पर थाना प्रभारी निरीक्षक श्री रामकिंकर यादव सहित घनश्याम मालाकार, मंदिर समिति के पदाधिकारी, दानदाता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूरे नवरात्र के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, दोपहर व संध्या आरती के पश्चात रात्रि भोजन भंडारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा, जिम्मेदारियाँ तय
बैठक में आय-व्यय व्यवस्था, दीप कलश रसीद बुक, रंग-रोगन, साफ-सफाई, कलश नंबरिंग, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, शांति एवं अनुशासन, हाई मास्ट लाइट, यजमान एवं पंडित व्यवस्था, श्रृंगार एवं पूजा-अर्चना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन, प्रसाद वितरण, भंडारा, कीर्तन-भजन एवं जगराता जैसे आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियाँ सर्वसम्मति से तय की गईं।
निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा
एसडीएम प्रवीण तिवारी एवं उपस्थित सदस्यों द्वारा दीप गृह, भंडारा स्थल, पार्किंग क्षेत्र, हाई मास्ट लाइट व्यवस्था तथा बंजारी मंदिर से तराईमाल तक सड़क प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण भी किया गया। इसके अलावा गार्डन क्षेत्र एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य की स्थिति का भी अवलोकन किया गया।
भक्ति, आस्था और व्यवस्था का संगम बनेगा आयोजन
बैठक में यह भी कहा गया कि माँ बंजारी धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सर्वदेव दर्शन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहाँ श्रीराम दरबार, राधा-कृष्ण, लक्ष्मीनारायण, शिव-पार्वती एवं हनुमान मंदिर के दर्शन के साथ मनोकामना ज्योति, अखंड यज्ञ शाला, ध्वजारोहण एवं विशेष आरती जैसी धार्मिक गतिविधियाँ आयोजित होती हैं।
यहाँ वाहन पूजन, विवाह संस्कार, हवन-पूजन एवं सवामनी भंडारा जैसे आयोजन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहते हैं।
बैठक का समापन
अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त की गई।
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