गुम नाबालिग सकुशल बरामद, शादी का झांसा देकर भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो समेत गंभीर धाराएं दर्ज

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

अभियान ‘संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस की तत्परता, आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
रायगढ़ / लैलूंगा, 18 अगस्त 2026।
जिले में महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लैलूंगा क्षेत्र से लापता नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 वर्षीय युवक निखिल मांझी को गिरफ्तार किया है, जिस पर बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
प्रकरण की शुरुआत 12 अगस्त 2026 को उस समय हुई जब बालिका के परिजनों ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 9 अगस्त की रात उनकी नाबालिग पुत्री बिना बताए घर से कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर तलाश करने के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 253/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संदेही युवक निखिल मांझी और बालिका के बीच लगातार संपर्क था। इसी आधार पर पुलिस ने तकनीकी और सूचनात्मक इनपुट के सहारे आरोपी की तलाश तेज की, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था।
पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ में नाबालिग बालिका के ठिकाने का पता चला और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया। महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष दर्ज बयान में बालिका ने आरोप लगाया कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ भगा ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
बालिका के बयान एवं मेडिकल परीक्षण के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 को भी जोड़ा गया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया है।
वहीं, आरोपी निखिल मांझी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “अभियान संवेदना” के तहत नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में न केवल त्वरित बरामदगी सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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