कांसे की जगह सीमेंट, 14 लाख की ‘प्रतिमा’ में घोटाले की बू: अटल परिसर से उठा बड़ा सवाल

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
कोरबा 1 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा स्थित अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रारंभिक तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि कांस्य (ब्रॉन्ज) प्रतिमा के नाम पर स्वीकृत लाखों रुपये की राशि का उपयोग वास्तविक कार्य में नहीं किया गया, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अटल परिसर में वाजपेयी जी की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए करीब 14 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। आधिकारिक दस्तावेजों में इसे उच्च गुणवत्ता वाली धातु की प्रतिमा दर्शाया गया, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत नजर आई। स्थानीय स्तर पर यह आरोप सामने आए हैं कि प्रतिमा का ढांचा सीमेंट और कंक्रीट से तैयार कर उस पर महज ब्रॉन्ज रंग का स्प्रे किया गया।
बारिश ने खोली परतें, हकीकत आई सामने
मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब हालिया बारिश के दौरान प्रतिमा पर चढ़ाया गया रंग बहने लगा। रंग उतरते ही अंदर का सीमेंट ढांचा स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा, जिससे कथित अनियमितता उजागर हो गई। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है।
जनता में आक्रोश, जांच की मांग तेज
घटना के सामने आने के बाद आमजन में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह मामला उजागर नहीं होता, तो कागजों में ही सब कुछ सही मान लिया जाता। नागरिकों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि द्वारा को पार्टी के प्रमुख वैचारिक स्तंभों में गिना जाता है। ऐसे में उनके नाम पर स्थापित प्रतिमा में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आना न केवल स्थानीय प्रशासन, बल्कि राजनीतिक प्रतिबद्धताओं पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जवाबदेही तय करना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक प्रतिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता की व्यापक चुनौती को भी उजागर करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला बनता है, जिसमें जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई को लेकर स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से मामला तूल पकड़ रहा है, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई की दिशा तय होना लगभग तय माना जा रहा है।
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