धरमजयगढ़ से एसीबी तक: सौम्य छवि वाले एसडीओपी सिद्धांत तिवारी को नई जिम्मेदारी, अपराध नियंत्रण में दर्ज कराई मजबूत पहचान

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़/धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ में अपने प्रभावी और परिणाममुखी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले एसडीओपी सिद्धांत तिवारी को अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी इस नियुक्ति की खबर सामने आते ही पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कार्यकाल रहा उपलब्धियों से भरा
धरमजयगढ़ अनुविभाग में तैनाती के दौरान सिद्धांत तिवारी ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उनके कार्यकाल में 100 से अधिक हत्या के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। यह उपलब्धि न केवल विभागीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में पुलिस की कार्यक्षमता को लेकर एक सकारात्मक संदेश भी गया।
कई जटिल और संवेदनशील मामलों में उनकी नेतृत्व क्षमता सामने आई, जहां टीमवर्क और तकनीकी जांच के समन्वय से परिणाम हासिल किए गए। स्थानीय स्तर पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण कानून का भय भी स्थापित हुआ।
जनविश्वास बढ़ाने पर रहा फोकस
सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास कायम करना भी उनके कार्यकाल की एक प्रमुख विशेषता रही। विभिन्न जनसंवाद कार्यक्रमों, शिकायतों के त्वरित निराकरण और सक्रिय पुलिसिंग के जरिए उन्होंने पुलिस की छवि को बेहतर बनाने का प्रयास किया।
अब एसीबी में नई चुनौती
अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में उनकी तैनाती को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। जहां अब उनका फोकस भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई पर रहेगा। विभागीय सूत्रों का मानना है कि उनकी जांच क्षमता और सख्त कार्यशैली एसीबी में भी प्रभावी साबित हो सकती है।
सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों की शुभकामनाएं
उनकी नई पोस्टिंग पर पुलिस विभाग के अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। कई लोगों का मानना है कि धरमजयगढ़ में उनके कार्यकाल ने एक मानक स्थापित किया है, जिसे आगे भी कायम रखने की जरूरत है।
आगे की उम्मीदें
धरमजयगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर उनके कार्यकाल की चर्चा अभी भी जारी है। अब नजर इस बात पर है कि एसीबी में उनकी भूमिका किस तरह आकार लेती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को वह किस स्तर तक प्रभावी बना पाते हैं।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️