ई-केवाईसी की बाधा से थमा राशन का पहिया: छत्तीसगढ़ में लाखों हितग्राही संकट में, सरकार की अंतिम चेतावनी

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़/रायपुर।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था इन दिनों तकनीकी प्रक्रिया की धीमी रफ्तार के कारण प्रभावित होती दिख रही है। छत्तीसगढ़ में ई-केवाईसी अनिवार्यता के चलते लाखों हितग्राही अब भी राशन से वंचित हैं। सरकार ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अंतिम चेतावनी जारी कर दी है, जिससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
खाद्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवार हैं। इनमें करीब 7 लाख अंत्योदय अन्न योजना और 46 लाख से अधिक प्राथमिकता श्रेणी के हितग्राही शामिल हैं। बावजूद इसके लगभग 8 प्रतिशत परिवार अब भी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। यह आंकड़ा देखने में छोटा जरूर है, लेकिन वास्तविकता में यह लाखों जरूरतमंद लोगों की जिंदगी से जुड़ा बड़ा सवाल खड़ा करता है।
तकनीकी अड़चनें बनीं सबसे बड़ी चुनौती
जमीनी स्तर पर समस्या का बड़ा कारण तकनीकी बाधाएं हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले बुजुर्ग, मजदूर और कमजोर वर्ग के लोग फिंगरप्रिंट सत्यापन में असफल हो रहे हैं। मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं होने से मशीनें उन्हें पहचान नहीं पा रहीं, जिससे उनकी ई-केवाईसी अधर में लटकी हुई है।
फेस ऑथेंटिकेशन बना विकल्प, पर जागरूकता की कमी
इन समस्याओं को देखते हुए विभाग ने फेस ऑथेंटिकेशन की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। अब मोबाइल एप के माध्यम से फोटो लेकर भी सत्यापन संभव है। हालांकि, इस सुविधा के बावजूद जागरूकता की कमी और तकनीकी संसाधनों का अभाव प्रक्रिया को अपेक्षित गति नहीं दे पा रहा है।
पारदर्शिता बनाम परेशानी का संतुलन
केंद्र सरकार द्वारा पीडीएस प्रणाली को पारदर्शी बनाने और अपात्र लोगों को बाहर करने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार भी इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है और जिला स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पारदर्शिता की यह प्रक्रिया वास्तविक हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है?
समय रहते कराएं प्रक्रिया पूरी
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन हितग्राहियों की ई-केवाईसी अभी बाकी है, वे जल्द से जल्द उचित मूल्य दुकान या नजदीकी केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करें। अन्यथा भविष्य में राशन वितरण में बाधा आ सकती है।
ई-केवाईसी व्यवस्था जहां एक ओर सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम है, वहीं दूसरी ओर इसकी धीमी गति और तकनीकी चुनौतियां गरीब वर्ग के लिए नई मुसीबत बनती जा रही हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस संतुलन को कैसे साधता है, ताकि न तो पात्र हितग्राही वंचित रहें और न ही व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
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