Latest News

पोरडा-चिमटापानी कोल परियोजना पर बढ़ा विरोध: सर्वे रोकने की मांग, पुनर्वास-मुआवजे पर स्पष्टता से पहले आगे बढ़ने से इनकार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़, 4 अगस्त 2026। घरघोड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित पोरडा-चिमटापानी कोल परियोजना को लेकर अब स्थानीय स्तर पर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने परियोजना के लिए जारी सर्वेक्षण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार की आगे की प्रक्रिया स्वीकार्य नहीं होगी।

जानकारी के अनुसार,  द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष ग्राम पोरडा में सर्वे के बावजूद अब तक न तो परियोजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई और न ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मुआवजा पैकेज पर कोई ठोस जानकारी दी गई है।

जनदर्शन में उठी आवाज

सोमवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में प्रभावित ग्रामीणों ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष  के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को अपनी आपत्तियां सौंपीं। ज्ञापन में कहा गया है कि बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के सर्वेक्षण कार्य जारी रखना ग्रामीणों के अधिकारों का उल्लंघन है।

‘पहले जानकारी, फिर सहमति’—ग्रामीणों का स्पष्ट रुख

ग्रामीणों ने मांग रखी है कि—

– प्रत्येक भूमि स्वामी को अपनी जमीन का बटांकन और राजस्व अभिलेख अद्यतन कराने पर्याप्त समय दिया जाए
– प्रभावित परिवारों की आपत्तियों और सुझावों को विधिवत सुना जाए
– ग्राम सभा के समक्ष सभी बिंदुओं पर लिखित समझौता किया जाए

उनका कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में परियोजना आगे बढ़ाने का प्रयास अविश्वास को जन्म दे रहा है।

मुआवजा और रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा

ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि भूमि अधिग्रहण किया जाता है तो—

– वर्तमान बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाए
– पेड़, मकान, कुआं, बोरवेल, फसल सहित सभी स्थायी परिसंपत्तियों का अलग से मूल्यांकन कर पूर्ण भुगतान किया जाए
– प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार की गारंटी दी जाए
– परियोजना और ठेका कार्यों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले

लिखित निर्णय तक सर्वे स्थगित करने की मांग

ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सर्वेक्षण का कार्य पूरी तरह स्थगित किया जाए।

बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के बीच नई चुनौती

रायगढ़ जिले में लगातार बढ़ रही खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के बीच यह मामला एक बार फिर विकास और स्थानीय हितों के संतुलन की चुनौती को सामने लाता है। प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह संवाद के जरिए समाधान निकाले, ताकि परियोजना और प्रभावित समुदाय के बीच टकराव की स्थिति न बने।

फिलहाल यह देखना अहम होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाता है और क्या परियोजना आगे बढ़ने से पहले विश्वास बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।

See also  विधानसभा में फिर गूंजा खरसिया रेलवे ओवरब्रिज का मुद्दा,सरकार ने स्वीकार किया वित्त विभाग के आदेश से कार्य लंबित

अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button