रायगढ़ पुलिस ने तस्करी की रफ्तार तोड़ी, मौत बनकर दौड़ी पिकअप—6 गौवंश बचाए, 6 आरोपी सलाखों के पीछे”

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 21 सितंबर 2026।
जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत सोमवार की सुबह कोतरारोड़ पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने न सिर्फ तस्करों के नेटवर्क की पोल खोल दी, बल्कि पुलिस टीम की सतर्कता और जोखिम उठाने की क्षमता को भी सामने रखा। ग्राम सरवानी-कुलबा मेन रोड पर की गई इस कार्रवाई में तीन पिकअप वाहनों से अवैध रूप से गौवंश ले जा रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि पुलिस की नाकेबंदी को तोड़ने के लिए आरोपियों ने वाहन सीधे पुलिसकर्मियों पर चढ़ाने का प्रयास किया। एक जवान ने किसी तरह अपनी जान बचाई, वहीं पुलिस के शासकीय वाहन को भी टक्कर मार दी गई। बावजूद इसके, पुलिस टीम ने संयम और साहस का परिचय देते हुए तीनों वाहनों को पकड़ लिया।
सूचना से कार्रवाई तक: सटीक प्लानिंग ने रोका तस्करी का रूट
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर तीन सफेद पिकअप वाहनों में गौवंशों की तस्करी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी उन्नति ठाकुर और डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में टीम गठित कर सरवानी-कुलबा मार्ग पर घेराबंदी की गई। सुबह करीब पांच बजे संदिग्ध वाहन जैसे ही मौके पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने का संकेत दिया—लेकिन चालक वाहन भगाते हुए सीधे पुलिसकर्मियों की ओर बढ़े।
तीन वाहन, छह गौवंश और छह आरोपी—पूरी कड़ी पकड़ी गई
कड़ी मशक्कत के बाद रोके गए वाहनों की तलाशी में कुल 6 गौवंश बरामद हुए। अलग-अलग वाहनों में सवार आरोपियों की पहचान झारखंड के गुमला और लोहरदगा जिलों के निवासियों के रूप में हुई, जबकि एक स्थानीय आरोपी भी पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने गौवंश को झारखंड ले जाने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी ललित (निवासी सरवानी) मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
17.50 लाख की जप्ती, गौवंश सुरक्षित
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों पिकअप वाहनों सहित कुल 17 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जप्त की है। इसमें लगभग 2.5 लाख रुपये कीमत के गौवंश और 15 लाख रुपये के वाहन शामिल हैं। रेस्क्यू किए गए गौवंशों को सुरक्षित स्थान पर रखकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
घटना को महज तस्करी तक सीमित नहीं माना गया है। पुलिस पर वाहन चढ़ाने के प्रयास को गंभीर आपराधिक कृत्य मानते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 281, 221, 132, 109(1) के साथ ही छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया जारी है।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि इस तरह की गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
मैदान में रही सक्रिय टीम
इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी अजय नागवंशी, थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से एक बड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम हो सकी।
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