दिवंगत नेता को कांग्रेस ने सौंप दी चुनावी अभियान की जिम्मेदारी, चार महीने पुराने निधन के बाद भी सूची में दर्ज रहा नाम

रायगढ़ ग्रामीण कांग्रेस की जारी नियुक्ति सूची पर उठे सवाल, घरघोड़ा मंडल अध्यक्ष के रूप में दर्ज है स्वर्गीय किरोड़ी तायल का नाम; संगठन की आंतरिक समन्वय व्यवस्था पर खड़े हुए प्रश्न
घरघोड़ा। राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं से बेहतर संवाद किसी भी अभियान की बुनियाद माने जाते हैं। लेकिन रायगढ़ जिले में कांग्रेस की ग्रामीण इकाई की ओर से जारी एक संगठनात्मक आदेश ने पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला घरघोड़ा ब्लॉक से जुड़ा है, जहां कांग्रेस ने आगामी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के लिए जारी जिम्मेदारियों की सूची में ऐसे नेता का नाम शामिल कर दिया, जिनका करीब चार महीने पहले निधन हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर घरघोड़ा और कापू ब्लॉक में 11 से 15 नवंबर 2026 तक ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत जन चौपाल आयोजित की जानी है। इसी अभियान के संचालन के लिए जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण की ओर से 6 नवंबर 2026 को एक आदेश जारी किया गया। आदेश में विभिन्न मंडलों के अध्यक्षों और अभियान प्रभारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
इसी सूची में घरघोड़ा मंडल अध्यक्ष के रूप में स्वर्गीय किरोड़ी तायल का नाम दर्ज है। जबकि उपलब्ध सार्वजनिक श्रद्धांजलि संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, उनका निधन लगभग चार महीने पहले, जुलाई 2026 में हो चुका है।
निधन की खबर सार्वजनिक, फिर संगठन की सूची में नाम कैसे?
इस मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि किरोड़ी तायल के निधन के बाद राजनीतिक क्षेत्र के कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। जिसमें विधायक लालजीत सिंह राठिया की श्रद्धांजलि संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया जा रहा है।
इसके अलावा, एक पुरानी श्रद्धांजलि पोस्ट में कांग्रेस के वर्तमान महामंत्री दीपक मंडल को भी टैग किए जाने की जानकारी सामने आई है। गौरतलब है कि 6 नवंबर को जारी आदेश की प्रति पर महामंत्री दीपक मंडल के हस्ताक्षर और संगठन की मुहर होने की बात कही जा रही है।
ऐसे में स्वाभाविक सवाल उठता है कि जब संबंधित नेता के निधन की जानकारी सार्वजनिक थी, तो संगठन की ओर से तैयार की गई सूची में उनका नाम किस आधार पर शामिल रह गया? क्या सूची तैयार करते समय पुराने संगठनात्मक रिकॉर्ड का ही उपयोग किया गया, अथवा नामों के सत्यापन और जिम्मेदारियों के निर्धारण में अपेक्षित सावधानी नहीं बरती गई?
जिला संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के अध्यक्ष नागेंद्र नेगी के नेतृत्व में जारी इस आदेश को लेकर अब संगठनात्मक समन्वय और आंतरिक संवाद पर चर्चा शुरू हो गई है। किसी भी राजनीतिक संगठन में पदाधिकारियों की सूची केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं होती, बल्कि उसके आधार पर अभियान का संचालन, जिम्मेदारियों का वितरण और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है।
ऐसे में किसी दिवंगत पदाधिकारी का नाम सूची में बने रहना महज टंकण संबंधी त्रुटि है या संगठन के भीतर सूचनाओं के आदान-प्रदान की कमी, यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
विशेषकर तब, जब संबंधित अभियान को लेकर पार्टी को गांवों और आम मतदाताओं के बीच सक्रियता बढ़ानी है। अभियान की सफलता के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में संगठन की ओर से जारी निर्देशों में इस तरह की चूक कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस पैदा कर सकती है।
‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान से पहले संगठन को खुद की व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत?
कांग्रेस का प्रस्तावित अभियान 11 से 15 नवंबर तक घरघोड़ा और कापू ब्लॉक में आयोजित होना है। इस दौरान जन चौपालों के माध्यम से मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने की तैयारी है।
लेकिन अभियान शुरू होने से पहले ही नियुक्ति सूची में सामने आई यह विसंगति जिला संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है। राजनीतिक दल जब लोकतांत्रिक अधिकारों, मतदाता सूची की शुद्धता और जवाबदेही की बात करते हैं, तो उनके अपने संगठनात्मक दस्तावेजों में भी सटीकता और पारदर्शिता अपेक्षित होती है।
इन सवालों का जवाब देना जरूरी
इस पूरे मामले में जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण से कुछ सवालों पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की अपेक्षा है—
1. क्या जिला संगठन को स्वर्गीय किरोड़ी तायल के निधन की जानकारी थी?
2. यदि जानकारी थी, तो 6 नवंबर को जारी आदेश में उनका नाम मंडल अध्यक्ष के रूप में कैसे शामिल हुआ?
3. क्या आदेश जारी करने से पहले पदाधिकारियों की सूची का सत्यापन किया गया था?
4. क्या संगठन इस सूची में हुई त्रुटि को स्वीकार करते हुए संशोधित आदेश जारी करेगा?
5. क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी?
राजनीति में कार्यकर्ताओं का सम्मान केवल उनके जीवित रहते हुए पद और जिम्मेदारी देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके योगदान और स्मृतियों के प्रति संवेदनशीलता भी संगठन की संस्कृति का हिस्सा होती है। स्वर्गीय किरोड़ी तायल का नाम इस तरह एक सक्रिय अभियान की जिम्मेदारी वाली सूची में शामिल होना कांग्रेस संगठन के लिए आत्ममंथन का विषय जरूर है।
अब देखना होगा कि जिला कांग्रेस कमेटी इस मामले को सामान्य लिपिकीय चूक मानकर छोड़ती है या इसकी जिम्मेदारी तय कर सूची में सुधार के साथ स्थिति स्पष्ट करती है।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️