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कम क्रेडिट स्कोर पर सख्ती की तैयारी: 2027 से बदलेगा लोन का खेल, आरबीआई के नए नियम से जोखिम मूल्यांकन होगा और कड़ा

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com

नई दिल्ली। घर, वाहन या उच्च शिक्षा के लिए ऋण लेने की योजना बना रहे लाखों लोगों के लिए आने वाले समय में बैंकिंग नियम पहले से अधिक सख्त होने जा रहे हैं।  (आरबीआई) द्वारा प्रस्तावित एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) फ्रेमवर्क 1 अप्रैल 2027 से लागू होने जा रहा है, जिसके बाद कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों के लिए लोन हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जोखिम आकलन का बदलेगा तरीका

अब तक बैंक किसी ऋण खाते को डिफॉल्ट या एनपीए की श्रेणी में आने के बाद ही प्रावधान (Provisioning) करते थे। लेकिन नए ईसीएल सिस्टम के तहत बैंकों को संभावित नुकसान का अनुमान पहले से लगाकर पूंजी अलग रखनी होगी। इससे बैंकिंग व्यवस्था अधिक सतर्क और जोखिम-संवेदनशील बनेगी।

730 से कम CIBIL स्कोर वालों पर असर

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि जिन ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर 730 से कम है, उन्हें नए सिस्टम में अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में—

– आय और रोजगार की स्थिरता की गहराई से जांच होगी
– अधिक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं
– लोन प्रोसेसिंग में समय बढ़ सकता है
– ब्याज दर अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है
– कुछ मामलों में आवेदन खारिज होने की संभावना भी रहेगी

अच्छे स्कोर वालों को राहत

वहीं 730 या उससे अधिक CIBIL स्कोर रखने वाले ग्राहकों के लिए स्थिति अनुकूल बनी रहेगी। बैंकों की नजर में ऐसे ग्राहक कम जोखिम वाले होंगे, जिससे—

– तेजी से लोन स्वीकृति
– अपेक्षाकृत कम ब्याज दर
– आसान दस्तावेजी प्रक्रिया
– बेहतर ऑफर्स

जैसे लाभ मिल सकते हैं।

सिर्फ EMI नहीं, पूरी प्रोफाइल पर नजर

ईसीएल फ्रेमवर्क के तहत अब केवल ईएमआई भुगतान इतिहास ही नहीं, बल्कि ग्राहक की पूरी वित्तीय स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे—

– क्रेडिट स्कोर और उसका इतिहास
– पुराने ऋणों का भुगतान रिकॉर्ड
– आय और नौकरी की स्थिरता
– कुल देनदारियां
– गिरवी संपत्ति का वास्तविक मूल्य

क्या है ECL फ्रेमवर्क

एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) एक उन्नत जोखिम मूल्यांकन प्रणाली है, जिसके तहत बैंक भविष्य में संभावित डिफॉल्ट का अनुमान पहले ही लगा लेते हैं। इससे वित्तीय संस्थानों को संभावित नुकसान से बचाव और बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।

आम उपभोक्ता के लिए संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में लोन लेना आसान बनाए रखने के लिए वित्तीय अनुशासन जरूरी होगा। समय पर ईएमआई भुगतान, क्रेडिट कार्ड बिल की नियमित अदायगी और जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार ही बेहतर क्रेडिट स्कोर बनाए रखने की कुंजी साबित होंगे।

स्पष्ट है कि 2027 के बाद बैंकिंग सिस्टम में ‘विश्वसनीयता’ सबसे बड़ी पूंजी होगी—और जिनका वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत होगा, वही आसानी से कर्ज की राह तय कर पाएंगे।

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Amar Chouhan

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