रायगढ़ में नए स्टील प्लांट को लेकर बढ़ा विरोध: पतरापाली-कोतरलिया में प्रस्तावित परियोजना पर ग्रामीणों का उबाल, 6 जुलाई की जनसुनवाई पर टिकी नजर

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 2 जून 2026।
जिले के पूर्वांचल क्षेत्र में प्रस्तावित एक नए स्टील प्लांट को लेकर ग्रामीणों में असंतोष और विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। मेसर्स सिंघल स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पतरापाली, कोतरलिया और सियारपाली में स्थापित किए जाने वाले ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट के लिए आगामी 6 जुलाई 2026 को पर्यावरणीय जनसुनवाई निर्धारित है, लेकिन उससे पहले ही प्रभावित गांवों में विरोध का माहौल बनता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई सुबह 11 बजे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय पतरापाली (पूर्व) के सामने आयोजित की जाएगी। प्रस्तावित परियोजना में लगभग 17 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला मुख्य स्टील प्लांट, 12 लाख टन का पेलेट प्लांट, 6 लाख टन की कोल वॉशरी के साथ-साथ ऑक्सीजन-नाइट्रोजन यूनिट, कोल गैसीफायर और ब्रिक निर्माण इकाई शामिल हैं।
पर्यावरण और आजीविका को लेकर चिंता
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिले में पहले से बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हैं, जिनके कारण प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका आरोप है कि नए प्लांट से कृषि भूमि, जल स्रोतों और वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से केलो नदी के प्रदूषण को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि परियोजना लागू होती है, तो क्षेत्र की उपजाऊ जमीन प्रभावित हो सकती है और पारंपरिक आजीविका—जैसे खेती, वनोपज और पशुपालन—पर असर पड़ेगा। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्थापित उद्योगों में स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिला।
विरोध के स्वर तेज, जनसुनवाई पर नजर
पतरापाली, कोतरलिया और आसपास के गांवों में ग्रामीणों द्वारा बैठकें कर विरोध की रणनीति बनाई जा रही है। उनका कहना है कि वे जनसुनवाई में अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जनसुनवाई के दौरान कंपनी और प्रशासन की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले पक्ष के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदूषण पर पहले से उठते रहे सवाल
रायगढ़ जिले में औद्योगिक गतिविधियों के चलते प्रदूषण को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोग वायु गुणवत्ता, जल स्रोतों और स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभावों को लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं।
अब 6 जुलाई को होने वाली जनसुनवाई को इस पूरे मामले का अहम पड़ाव माना जा रहा है, जहां ग्रामीणों की आपत्तियां और कंपनी का पक्ष आमने-सामने होगा।
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