आईपीएल के बीच खरसिया में सट्टा नेटवर्क पर शिकंजा: ‘ऑपरेशन अंकुश’ में तीन गिरफ्तार, ऑनलाइन रैकेट का खुलासा


Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 30 अप्रैल।
आईपीएल सीजन के दौरान सक्रिय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी पर नकेल कसने के लिए रायगढ़ पुलिस की मुहिम अब निर्णायक मोड़ पर दिख रही है। ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत गुरुवार को खरसिया क्षेत्र में की गई समन्वित कार्रवाई में पुलिस ने तीन कथित सट्टा संचालकों को गिरफ्तार कर एक सक्रिय नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹51 हजार नकद और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनके जरिए सट्टा संचालन किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, साइबर थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने 29 अप्रैल को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर शहर के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान पकड़े गए आरोपियों में अंकित अग्रवाल को मुख्य संचालक माना जा रहा है, जबकि अजय उर्फ रिंकु अग्रवाल और नरेंद्र राठौर भी नेटवर्क के सक्रिय हिस्से के रूप में सामने आए हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे थे। व्हाट्सएप ग्रुप्स और वेबसाइट के जरिए यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिससे सट्टेबाजी का दायरा स्थानीय स्तर से आगे बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
तीन जगहों पर एक साथ कार्रवाई
कार्रवाई की पहली कड़ी में डभरा रोड स्थित एक ठिकाने से अजय उर्फ रिंकु अग्रवाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके पास से ₹30 हजार नकद और मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें सट्टा संचालन के साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ में उसने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं।
दूसरी कार्रवाई में रानीसती छपरी गंज क्षेत्र से अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से सट्टा संचालन के संकेत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा हुआ था और नेटवर्क का समन्वय कर रहा था। उसके पास से ₹21 हजार नकद जब्त किया गया।
तीसरी कार्रवाई नया मंगल बाजार क्षेत्र में की गई, जहां से नरेंद्र राठौर को पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह एक वेबसाइट के जरिए सट्टा आईडी संचालित कर रहा था। पुलिस अब उस आईडी उपलब्ध कराने वाले अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के नेटवर्क में शामिल हर कड़ी तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी और किसी भी स्तर पर संलिप्त पाए जाने पर कार्रवाई से छूट नहीं दी जाएगी।
आगे की जांच जारी
तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, विशेषकर आईडी उपलब्ध कराने वालों और आर्थिक लेन-देन के स्रोतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए फैल रहे इस तरह के सट्टा नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए तकनीकी निगरानी और फील्ड कार्रवाई, दोनों को समानांतर रूप से तेज किया गया है।
अन्य अधिक खबरों के लिए क्लिक करें https://amarkhabar.com/