खनन क्षेत्र से उठेगी शिक्षा की नई रोशनी: ‘खनिज ज्योति योजना’ से प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
आर्थिक तंगी अब नहीं बनेगी बाधा, DMFT की पहल से रायगढ़ के मेधावी छात्रों के लिए खुलेंगे IIT, AIIMS और IIM जैसे संस्थानों के द्वार
रायगढ़।
खनन गतिविधियों से प्रभावित इलाकों में अक्सर विकास की कहानी अधूरी रह जाती है—खासकर शिक्षा के मोर्चे पर। लेकिन अब जिले में एक ऐसी पहल सामने आई है, जो इस धारणा को बदलने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो सकती है। “खनिज ज्योति योजना” के रूप में शुरू की गई यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सहारा देगी, बल्कि उन्हें देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
राज्य के मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री की पहल पर जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) द्वारा शुरू की गई इस योजना को शिक्षा के क्षेत्र में एक निर्णायक हस्तक्षेप माना जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य स्पष्ट है—“कोई भी प्रतिभा सिर्फ आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए।”
पूरी पढ़ाई का जिम्मा सरकार का
योजना के तहत चयनित छात्रों को स्नातक से लेकर प्रोफेशनल कोर्स तक—इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट और कृषि जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए 100% वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता केवल फीस तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण शैक्षणिक खर्च को कवर करने की दिशा में केंद्रित है।
हालांकि, इस योजना की शुरुआत फिलहाल सीमित स्तर पर की गई है—पहले चरण में केवल 20 सीटें स्वीकृत की गई हैं, जिससे चयन प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता आधारित होगी।
कौन उठा सकता है लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी निवासी हैं और जिनका नाम बीपीएल या अंत्योदय सूची में दर्ज है। शैक्षणिक योग्यता के रूप में 12वीं में सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए न्यूनतम 55% तथा एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए 50% अंक अनिवार्य रखे गए हैं।
इसके साथ ही, अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष तय की गई है और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि लाभार्थी किसी अन्य बड़ी छात्रवृत्ति योजना का लाभ न ले रहा हो।
मेरिट के साथ प्राथमिकता का संतुलन
यदि आवेदन संख्या निर्धारित सीटों से अधिक होती है, तो चयन “मेरिट-कम-प्रेफरेंस इंडेक्स” के आधार पर किया जाएगा। इसमें सीधे प्रभावित क्षेत्रों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं—जैसे JEE, NEET या CLAT—के माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को वरीयता सूची में ऊपर रखा जाएगा। वहीं, समान स्थिति में 12वीं के अंक, पारिवारिक आय और सामाजिक परिस्थितियों को निर्णायक आधार बनाया जाएगा।
आवेदन की समयसीमा और प्रक्रिया
इच्छुक छात्र 30 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है या सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय से लिया जा सकता है।
पूर्ण दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करने का स्थान कलेक्ट्रेट परिसर स्थित DMFT शाखा (कक्ष क्रमांक-93) निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपूर्ण या भ्रामक जानकारी वाले आवेदन सीधे निरस्त कर दिए जाएंगे।
एक पहल, कई संभावनाएं
“खनिज ज्योति योजना” केवल एक छात्रवृत्ति योजना नहीं, बल्कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक संतुलन और अवसर की समानता की दिशा में एक ठोस प्रयास है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में यह योजना न केवल व्यक्तिगत जीवन बदल सकती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की शैक्षणिक तस्वीर भी बदलने की क्षमता रखती है।
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