रील के चक्कर में कानून से टकराव: इंस्टाग्राम स्टंट वीडियो पर रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई, युवक पर जुर्माना

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 03 मई।
सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज़ की होड़ में खतरनाक स्टंटबाजी अब युवाओं के लिए महंगी साबित हो रही है। रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा सार्वजनिक सड़क पर तेज रफ्तार और जोखिम भरे अंदाज में बाइक चलाते हुए वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना उसे भारी पड़ गया। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और युवक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना लगाया।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए लापरवाही से बाइक चलाता नजर आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव ने तत्काल जांच शुरू कर युवक की पहचान शाश्वत सिदार (20 वर्ष), निवासी ग्राम कुंजेमुरा, के रूप में की। पूछताछ में युवक ने वीडियो खुद बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करना स्वीकार किया।
थाने बुलाकर युवक को न केवल कड़ी चेतावनी दी गई, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए संभावित हादसों और कानूनी परिणामों की जानकारी भी दी गई। इसके बाद उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए जुर्माना किया गया।
मामले का एक पहलू यह भी रहा कि युवक पुलिस परिवार से जुड़ा हुआ है—उसके पिता नरेंद्र सिदार सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं। बावजूद इसके, पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने दोहराया कि ऐसे मामलों में, चाहे संबंधित व्यक्ति किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो, सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्टंट और रील्स बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति ने सड़क सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ एक मामले तक सीमित है, बल्कि यह उन युवाओं के लिए चेतावनी भी है जो लोकप्रियता की चाह में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या सोशल मीडिया की दौड़ में सुरक्षा और जिम्मेदारी पीछे छूटती जा रही है, और क्या इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए और सख्त कदमों की जरूरत है।
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