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रायगढ़ में शिक्षा पर सख्ती—मोबाइल में व्यस्त मिले शिक्षक तो सीधे कलेक्टर तक शिकायत!

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

नए सत्र में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगा प्रशासन

रायगढ़, 10 जुलाई 2026। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही रायगढ़ जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है—अब सिर्फ स्कूल खुलना काफी नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचना अनिवार्य होगा। कलेक्टर Mayank Chaturvedi ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर की चेतावनी: “कक्षा में पढ़ाई नहीं तो कार्रवाई तय”

कलेक्टर ने साफ किया कि स्कूलों में सिर्फ शिक्षकों की उपस्थिति नहीं, बल्कि कक्षा में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का परिणाम दिखना चाहिए। यदि शिक्षक मोबाइल या अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए और इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई, तो अभिभावक सीधे शिकायत कर सकते हैं—और उस पर तुरंत कार्रवाई होगी।

अभिभावकों को मिला अधिकार, अब सीधे करें शिकायत

प्रशासन ने अभिभावकों और आम नागरिकों को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए कहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। अगर कहीं भी पढ़ाई में लापरवाही दिखे, तो सीधे कलेक्टर या जिला पंचायत सीईओ Abhijeet Baban Pathare को सूचना दें।

स्कूलों की होगी ‘ग्राउंड लेवल’ मॉनिटरिंग

अब निरीक्षण सिर्फ कागजी नहीं रहेगा—

अधिकारी कक्षाओं में जाकर पढ़ाई का स्तर जांचेंगे

छात्रों की सीखने की क्षमता का सीधा मूल्यांकन होगा

लगातार शिकायत मिलने पर शिक्षक ही नहीं, प्राचार्य और BEO भी जिम्मेदार होंगे


ड्रॉपआउट पर फोकस, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—

कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे

ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने के लिए विशेष अभियान चलेगा

पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों की मदद से 100% नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी


स्कूलों में सुधार के लिए बड़े निर्देश

एकल शिक्षक स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था

जर्जर व भवनविहीन स्कूलों के लिए समाधान

मिड-डे मील और स्वास्थ्य परीक्षण की निगरानी

स्कूल परिसर में मुनगा जैसे पोषणयुक्त पौधों का रोपण

हर विकासखंड में मॉडल स्कूल विकसित करने की योजना


बोर्ड रिजल्ट से लेकर छात्रवृत्ति तक की समीक्षा

बैठक में 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणाम, कमजोर छात्रों के लिए विशेष योजना, राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति और समग्र शिक्षा अभियान की भी गहन समीक्षा की गई। साथ ही निजी स्कूलों को भी शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।


स्पष्ट संदेश: अब शिक्षा में लापरवाही नहीं चलेगी

रायगढ़ प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए अब सख्त फैसले होंगे। जिम्मेदारी तय होगी, निगरानी बढ़ेगी और सबसे अहम—हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की गारंटी सुनिश्चित की जाएगी।

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Amar Chouhan

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