रायगढ़ में लूट की कोशिश बनी हत्या की वजह, 24 घंटे में खुलासे का पुलिस का दावा; एक युवक और चार नाबालिग अभिरक्षा में

ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास ट्रक किनारे सो रहे व्यक्ति पर चाकू से कई वार करने का आरोप, 700 रुपये लूटने की बात आई सामने; हत्या में इस्तेमाल चाकू, रक्तरंजित कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त
रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास मिले अज्ञात व्यक्ति के शव के मामले में जूटमिल पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, सड़क किनारे खड़े ट्रक के पास सो रहे व्यक्ति को लूटने की कोशिश के दौरान विवाद हुआ और विरोध करने पर उस पर बटन चाकू से कई वार किए गए। घटना में करीब 35 से 40 वर्ष के व्यक्ति की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय युवक राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने मृतक की जेब से रुपये और मोबाइल निकालने की कोशिश की थी। इसी दौरान उसके जागने और विरोध करने पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये निकालने की बात स्वीकार की है। घटना में इस्तेमाल किया गया बटन चाकू, वारदात के समय पहने गए कपड़े और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। मामले में हत्या के साथ भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध संबंधी धारा 111 भी जोड़ी गई है।
सुबह शव मिलने की सूचना से शुरू हुई जांच
जूटमिल थाना पुलिस को 24 अक्टूबर की सुबह ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, थाना जूटमिल की टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू हुई।
मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष आंकी गई। उसके सीने और कंधे सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए थे। मौके पर मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने मर्ग कायम किया और शव को सुरक्षित रूप से मरच्युरी में रखवाया।
अगले दिन डॉक्टरों से मिली प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक बताए जाने के बाद जूटमिल थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 656/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने घटनास्थल पहुंचकर जांच टीम को आवश्यक निर्देश दिए। सीएसपी राहुल उईके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज की।
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस को कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनके आधार पर घटना में किशोर उम्र के लड़कों की संलिप्तता की आशंका जताई गई। इसके बाद संदिग्धों के हुलिए और अन्य जानकारियों के आधार पर मुखबिरों को सक्रिय किया गया।
पुलिस टीम ने मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्र में दबिश देकर राजेश्वर सारथी उर्फ समारू तथा चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान इनकी कथित संलिप्तता सामने आई। जांच में स्थानीय लोगों से भी जानकारी मिली, जिससे पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
आधी रात के बाद ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे थे आरोपी
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 23 अक्टूबर की रात करीब एक बजे वे लूटपाट की नीयत से ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे थे। इनमें से दो युवक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 M 3674 से पहुंचे, जबकि तीन अन्य उनके पीछे वहां पहुंचे।
बताया गया कि फल की दुकान के बगल में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पास उन्हें एक व्यक्ति सोता हुआ दिखाई दिया। आरोप है कि उन्होंने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकालने के लिए तलाशी शुरू की। इसी दौरान व्यक्ति की नींद खुल गई और उसने विरोध किया।
पुलिस के मुताबिक, विरोध के दौरान आरोपियों में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक ने कथित तौर पर अपने पास रखे बटन चाकू से मृतक की भुजा, सीने, जांघ और पीठ पर कई वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद मृतक की जेब से 700 रुपये निकालकर आपस में बांटने की बात भी पुलिस की जांच में सामने आई है।
घटना की यह पूरी कड़ी फिलहाल पुलिस की विवेचना और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। मामले के सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा।
चोरी और लूट की वारदातों में संलिप्तता की भी जांच
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कबाड़ चोरी करने और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे स्थानों पर रात में अकेले आने-जाने वाले लोगों को निशाना बनाने की बात कही है। पुलिस का दावा है कि वे शराब के नशे में रहने वाले व्यक्तियों और बुजुर्गों से मोबाइल तथा रुपये छीनने जैसी वारदातों में भी शामिल रहे हैं। कथित तौर पर इन घटनाओं से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल खाने-पीने में किया जाता था।
इन बयानों के आधार पर पुलिस पूर्व की घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है। हालांकि, अन्य मामलों में उनकी भूमिका और आरोपों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकेगी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर वारदात के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और बटन चाकू जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कथित पूर्ववर्ती कृत्यों और इस घटना में संगठित रूप से शामिल होने के आधार पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 111 जोड़ी गई है।
एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम की कार्रवाई
इस मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक दिव्या बंजारे, वेदवती कुमेटी, एएसआई राजेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, राजेश पटेल, लोमश राजपूत तथा आरक्षक नरेश रजक, सुशील यादव, तरुण महिलाने, संजय एक्का, शांति मिरी और परमानंद पटेल की भूमिका बताई गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध कर कानून से बच निकलने की मंशा रखने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों की सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई को पुलिस की प्राथमिकता बताया।
फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने और नियमानुसार रिमांड की प्रक्रिया की जाएगी।
नोट: पुलिस के दावों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों को जांच के निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि न्यायालय में सिद्ध अपराध के रूप में। विधि से संघर्षरत बालकों की पहचान उजागर करने वाला कोई विवरण प्रकाशित नहीं किया गया है। मृतक की पहचान के संबंध में भी पुलिस की ओर से अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
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