रायगढ़ में एचआईवी संक्रमण की तेज़ रफ्तार: एक महीने में 56 नए मरीज, नशे के इंजेक्शन से फैल रहा खतरा

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़।
जिले में एचआईवी संक्रमण के मामलों में अचानक आई तेज़ बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य तंत्र और प्रशासन दोनों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। बीते एक महीने के भीतर 56 नए एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि संक्रमण अब सीमित दायरे से निकलकर व्यापक सामाजिक संकट का रूप ले सकता है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जो तथ्य सामने आए हैं, वे स्थिति की भयावहता को और गहरा करते हैं। जांच में पाया गया कि नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शनों की साझेदारी—विशेषकर प्रतिबंधित दवाओं के साथ—संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बन रही है।
बच्चों तक पहुंचा संक्रमण
हाल ही में शहर की झुग्गी बस्तियों में की गई छापेमारी के दौरान कुछ नाबालिग बच्चों को नशे के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। इन बच्चों की काउंसलिंग और स्वास्थ्य जांच में तीन बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही जिले में 14 वर्ष से कम उम्र के संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जो बेहद चिंताजनक संकेत है।
संक्रमण के पीछे साझा सुई का खेल
स्वास्थ्य विभाग के विश्लेषण के अनुसार, करीब 80 प्रतिशत मामलों में संक्रमण का सीधा संबंध संक्रमित सुई या सिरिंज के साझा उपयोग से है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर तबके और स्लम क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जहां नशे के लिए एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि कुछ मामलों में संक्रमण जन्म से—संक्रमित मां से बच्चे में—भी पाया गया है, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं और जागरूकता के चलते ऐसे मामलों में पिछले वर्षों में कमी आई है।
प्रतिबंधित इंजेक्शन की खुली बिक्री
शहर की बस्तियों में ‘बुट्रम’ जैसे प्रतिबंधित इंजेक्शन का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। नशे के आदी युवा इन इंजेक्शनों को साझा कर रहे हैं, जिससे संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाने से स्थिति और जटिल होती जा रही है।
युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार 26 से 42 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते रोकथाम के ठोस उपाय नहीं किए गए, तो संक्रमण का यह ग्राफ और तेजी से बढ़ सकता है।
प्रशासन की सक्रियता बढ़ी
पुलिस अधीक्षक ने संकेत दिए हैं कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान को और तेज़ किया जाएगा। खुफिया तंत्र को सक्रिय कर सप्लायर्स और नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान बढ़ाने की योजना बना रहा है।
एचआईवी: एक समझ जरूरी
एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई और मां से बच्चे में फैलता है। हालांकि यह सामान्य संपर्क—जैसे हाथ मिलाने, साथ खाना खाने या हवा-पानी—से नहीं फैलता।
रायगढ़ में सामने आए ये आंकड़े केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती भी हैं। नशे पर नियंत्रण, जागरूकता और समय पर उपचार ही इस संकट को थामने के सबसे प्रभावी उपाय हो सकते हैं। यदि इन पर गंभीरता से अमल नहीं हुआ, तो आने वाले समय में स्थिति और विकराल हो सकती है।
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