मेट्रिमोनियल साइट में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, तमनार पुलिस की तत्परता से आरोपी गिरफ्तार

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। रिश्तों की आड़ में विश्वास का घात करने वाले एक और मामले में तमनार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला न केवल एक युवती के साथ हुए गंभीर अपराध का है, बल्कि उन सामाजिक खतरों की भी याद दिलाता है जो आभासी परिचयों के माध्यम से पनप रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 33 वर्षीय युवती ने 23 अप्रैल को थाना तमनार में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2023 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए उसकी पहचान लखन कुमार पटनायक (37 वर्ष), निवासी भिलाईनगर, जिला दुर्ग से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को रेलवे में जे.ई. पद पर कार्यरत बताते हुए विवाह का प्रस्ताव रखा और धीरे-धीरे विश्वास का रिश्ता कायम किया।
पीड़िता के अनुसार, 14 दिसंबर 2025 को आरोपी तमनार स्थित उसके घर पहुंचा। उस समय घर में परिजन मौजूद नहीं थे। इसी परिस्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी ने शादी का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद भी वह लगातार विवाह का आश्वासन देकर युवती का शारीरिक शोषण करता रहा।
समय बीतने के साथ जब परिजनों ने औपचारिक रूप से सगाई और विवाह की बात आगे बढ़ाई, तो आरोपी का रवैया बदलने लगा। उसने पारंपरिक विवाह से कन्नी काटते हुए कोर्ट मैरिज का प्रस्ताव रखा। मार्च 2026 में इस संबंध में आवेदन भी दिया गया, लेकिन इसके बाद आरोपी ने दूरी बना ली और अंततः विवाह से साफ इंकार कर दिया।
युवती की शिकायत पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव ने अपराध क्रमांक 82/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और अंततः रायपुर में उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रशांत राव, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, हेम प्रकाश सोन, आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार और अतुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का स्पष्ट संदेश
“शादी का झांसा देकर महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और सख्ती के साथ काम कर रही है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि कानून से कोई ऊपर नहीं है।”
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऑनलाइन परिचय के रिश्तों में सतर्कता कितनी जरूरी है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ आरोपी को कानून के दायरे में लाया, बल्कि पीड़िता को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम भी दिलाया है।
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