“आस्था की आड़ में अपराध: महासमुंद में कथावाचक पर यौन शोषण का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार”

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर/महासमुंद।
छत्तीसगढ़ में स्वयंभू धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच एक और गंभीर आरोप ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य के रूप में पहचान रखने वाले व्यक्ति को एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पंडित नरेंद्र नयन शास्त्री को पीड़िता की शिकायत के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। आरोपी मूलतः रायपुर के सिलयारी क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।
आरोपों की प्रकृति और जांच की दिशा
प्राथमिक शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह लंबे समय से शारीरिक पीड़ा से परेशान थी और उपचार की उम्मीद में आरोपी के संपर्क में आई थी। आरोप है कि आरोपी ने उपचार और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उसका विश्वास जीता और बाद में अनुचित आचरण किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच सावधानीपूर्वक की जा रही है और सभी पहलुओं की पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
‘चावल से भविष्य बताने’ की पहचान
स्थानीय स्तर पर आरोपी को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता था, जो कथावाचन और ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से लोगों को सलाह देता था। कुछ लोगों के बीच उसकी पहचान तथाकथित ‘चावल से भविष्य बताने’ की पद्धति के कारण भी बनी हुई थी।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए लोगों का विश्वास अर्जित कर व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करना जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
इस पाखंडी बाबा को चावल वाले या चाय वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। वह चावल और लाल फूल देकर लोगों का भविष्य बताता था। अब पुलिस की जाल में फंसकर उसका भविष्य खुद खतरे में है। 9 जून को बागबाहरा पुलिस रायपुर के सिलियरी पहुंची। उसे सिलियरी से हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए बागबाहरा लेकर आई। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि सिलियरी में नरेंद्र शास्त्री का घर है और यहीं पर रहकर वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवचन देता था।
पूर्व में भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
राज्य में पिछले कुछ वर्षों में स्वयंभू बाबाओं या तांत्रिकों के खिलाफ इसी प्रकार के आरोप सामने आते रहे हैं, जिनमें महिलाओं को झांसा देकर शोषण करने के मामले शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों का देर से सामने आना और सामाजिक दबाव भी जांच और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसलिए जागरूकता और समय पर शिकायत दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
सामाजिक संदेश और सावधानी की जरूरत
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना भर नहीं, बल्कि समाज के उस हिस्से को भी आईना दिखाता है, जहां अंधविश्वास और बिना सत्यापन के भरोसा गंभीर परिणाम ला सकता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के उपचार या समस्या समाधान के लिए प्रमाणित चिकित्सा या वैधानिक संस्थाओं का ही सहारा लेना चाहिए। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
पहले भी पुलिस की जाल में फंस चुके हैं पाखंडी बाबा-

इसी तरह का एक मामला प्रदेश के जांजगीर चांपा जिले में देखने को मिला था। जहां दर्द से परेशान एक महिला पाखंडी निर्मल बाबा के पास पहुंची थी। बाबा ने उसे चमत्कारिक तरीके से ठीक करने का झांसा देकर प्रसाद खिलाया। फिर उसे मैहर में बुलाकर एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया और न्यूड फोटो भी खींच लिए। जब महिला ने विरोध किया तो बाबा ने अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने बाबा को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया।
मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस प्रकरण के कई पहलुओं को स्पष्ट कर सकते हैं। फिलहाल, यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि आस्था और विश्वास के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या अपराध को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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