बारिश में करंट का खतरा: सावधानी ही सुरक्षा की गारंटी

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर, 07 जुलाई 2026।
मानसून की दस्तक के साथ जहां एक ओर राहत भरी बारिश लोगों को सुकून दे रही है, वहीं दूसरी ओर यही मौसम अदृश्य खतरे भी साथ लेकर आता है। हर साल बारिश के दौरान बिजली से जुड़े हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन लेते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने समय रहते एडवाइजरी जारी कर आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
कंपनी का साफ कहना है—बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बारिश के दौरान खुले तार, झुके खंभे, ट्रांसफार्मर और पानी भरे इलाकों में करंट फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें या ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
बारिश का पानी बिजली का अच्छा संवाहक होता है। जब टूटे हुए तार या लीकेज करंट पानी के संपर्क में आते हैं, तो वह आसपास के क्षेत्र में फैल सकता है। कई बार लोग अनजाने में पानी भरे गड्ढों या सड़कों पर चलते हुए इसकी चपेट में आ जाते हैं। यही कारण है कि विभाग बार-बार “सुरक्षित दूरी” बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
ये सावधानियां बन सकती हैं जीवन रक्षक
बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और तारों से दूरी बनाए रखें
टूटे तार दिखें तो पास जाने की बजाय तुरंत सूचना दें
गीले हाथों से किसी भी विद्युत उपकरण को न छुएं
रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पलों का उपयोग करें
बिजली के खंभों या स्टे वायर पर कपड़े न सुखाएं
अवैध रूप से हुकिंग या तारों में करंट प्रवाहित करने जैसे कृत्य न करें
बच्चों को बिजली उपकरणों के आसपास खेलने से रोकें
खेतों या बाड़ी की बाड़ में बिजली प्रवाहित करना पूरी तरह अवैध और जानलेवा है
अगर कोई करंट की चपेट में आ जाए तो क्या करें?
सबसे पहले मुख्य स्विच बंद करें
सूखी लकड़ी, रस्सी या कपड़े से व्यक्ति को अलग करें
नंगे हाथ से छूने की गलती बिल्कुल न करें
पीड़ित को सूखी जगह लिटाकर प्राथमिक उपचार दें
जरूरत पड़े तो CPR दें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
बिजली विभाग की तैयारी, लेकिन जिम्मेदारी आपकी भी
CSPDCL के बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के. अंबस्थ के मुताबिक, बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिजली व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। विभाग ने फीडर, ट्रांसफार्मर और लाइनों का पूर्व निरीक्षण कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों की सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली गुल होने पर घबराने की जरूरत नहीं है—कुछ समय प्रतीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं।
अमरखबर की अपील
बारिश की ठंडी फुहारों के बीच अक्सर हम उन खतरों को नजरअंदाज कर देते हैं जो दिखते नहीं, लेकिन जानलेवा साबित हो सकते हैं। बिजली कोई सामान्य सुविधा नहीं, बल्कि अत्यंत संवेदनशील व्यवस्था है—जिससे जुड़ी लापरवाही की कीमत जिंदगी से चुकानी पड़ सकती है।
अमरखबर अपने पाठकों से अपील करता है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी खतरे को नजरअंदाज न करें।
याद रखें—सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि “जान है तो जहान है।”
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