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दो हिस्सों में टूटा पुल, बाल-बाल बची यात्रियों की जान: बिलासपुर–रतनपुर मार्ग ठप, कई शहरों का संपर्क टूटा

Journalist Amardeep Chauhan
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बिलासपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
छत्तीसगढ़ के उत्तर क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले बिलासपुर–रतनपुर–पेंड्रा मार्ग पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब बांसाझाल के पास स्थित पुराना पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया। उस वक्त पुल से गुजर रही एक यात्री बस का अगला हिस्सा टूटे स्लैब के किनारे अटक गया, जिससे बस नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। पुल के ध्वस्त होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस के आगे का हिस्सा हवा में झूलता दिख रहा था और कुछ क्षणों के लिए लोगों की सांसें थम गई थीं।

बरसात ने खोली जर्जर ढांचे की पोल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल पहले से ही जर्जर अवस्था में था, लेकिन लगातार हो रही बारिश के बाद इसकी स्थिति और खराब हो गई थी। बांसाझाल का यह पुल बिलासपुर–जबलपुर को जोड़ने वाले निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 परियोजना का हिस्सा है, जिस पर करीब 510 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में इस सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे। जगह-जगह सड़क धंसने, डामर की परत फटने और किनारों के टूटने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। पहली ही बारिश में 5 से 10 फीट तक लंबी दरारें पड़ना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आवागमन पूरी तरह ठप, कई जिलों से संपर्क टूटा

पुल टूटने के साथ ही बिलासपुर–रतनपुर–पेंड्रा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके चलते गौरेला, पेंड्रा, अमरकंटक सहित मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल की ओर जाने वाला सीधा संपर्क टूट गया है। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

घटना के बाद सड़क के दोनों ओर बसों, ट्रकों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री घंटों तक फंसे रहे, जबकि पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बनाते हुए लोगों को पुल के पास जाने से रोका।

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प्रशासन अलर्ट, डायवर्जन रूट लागू

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुल के दोनों सिरों पर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के साथ ही वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया जा रहा है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अगली सूचना तक इस मार्ग का उपयोग न करें और निर्धारित डायवर्जन रूट का ही पालन करें।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और निरीक्षण किया गया होता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

स्थिति पर नजर, बड़े हादसे से बचाव

फिलहाल राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

(अपडेट जारी — प्रशासन द्वारा जारी डायवर्जन रूट और बहाली की स्थिति पर नजर बनी हुई है)

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Amar Chouhan

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