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महंगी शक्कर की बोरियों से शुरू हुआ खेल, चोरों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बिछाया GPS का जाल; पांच गिरफ्तार

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पुसौर की राशन दुकानों में लगातार चोरियों से परेशान संचालकों को पुलिस ने दी तकनीक की मदद लेने की सलाह, शक्कर की बोरी में छिपे ट्रैकर ने पत्थलगांव तक पहुंचाई पुलिस की टीम

115 बोरी चावल, दो बोरी शक्कर और चोरी में इस्तेमाल दो कारें बरामद; पुलिस के मुताबिक जब्त संपत्ति की कुल कीमत 38.60 लाख रुपये

रायगढ़, 27 अक्टूबर 2026। शासकीय उचित मूल्य दुकानों में रखे चावल और शक्कर की बोरियां चोरी करने वाले गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने इस बार पारंपरिक मुखबिरी के साथ तकनीक का सहारा लिया। राशन दुकानों में लगातार हो रही चोरियों के बीच एक शक्कर की बोरी में छिपाया गया GPS ट्रैकर पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया। चोरी की गई बोरी के लोकेशन संकेतों का पीछा करते हुए पुलिस की टीम रायगढ़ जिले से निकलकर जशपुर जिले के पत्थलगांव पहुंची, जहां कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

रायगढ़ पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में चार पर चोरी की वारदातों में शामिल होने और एक पर चोरी का माल खरीदने का आरोप है। आरोपियों के कब्जे से ग्राम नवापारा, कोडकेल और कोतमरा की शासकीय राशन दुकानों से चोरी किए गए 115 बोरी चावल और दो बोरी शक्कर बरामद की गई है। वारदात में इस्तेमाल क्रेटा और इनोवा कार भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बरामद खाद्यान्न और दोनों वाहनों सहित कुल 38.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है।

यह कार्रवाई केवल चोरी का माल बरामद करने तक सीमित नहीं है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित राशन दुकानों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। गरीब परिवारों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की चोरी से संबंधित इन मामलों में पुलिस अब आरोपियों की कथित भूमिका, माल की खरीद-फरोख्त और अन्य वारदातों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।

लगातार चोरियों से परेशान थे राशन दुकान संचालक

पुसौर थाना क्षेत्र में इस वर्ष अलग-अलग गांवों की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस के अनुसार, चोर रात के समय दुकानों को निशाना बनाते और चावल-शक्कर की बोरियां लेकर तेजी से मौके से निकल जाते थे। घटनाओं में एक जैसे तरीके का इस्तेमाल होने के कारण पुलिस को आशंका हुई कि इनके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।

लगातार नुकसान झेल रहे राशन दुकान संचालकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और पुसौर थाना प्रभारी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुसौर पुलिस ने घटनाओं का विश्लेषण शुरू किया।

जांच के दौरान पुलिस ने वारदातों के तरीके, आरोपियों के संभावित आने-जाने के रास्तों और इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी तेज रफ्तार वाहनों से गांवों तक पहुंचते और चोरी के बाद जल्द ही क्षेत्र से निकल जाते थे। अलग-अलग गांवों में लगातार सामने आई घटनाओं ने जांच को और गंभीर बना दिया।

CCTV महंगा पड़ा तो GPS ट्रैकर बना विकल्प

राशन दुकानों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह ने क्षेत्र के दुकान संचालकों की बैठक ली। इस दौरान दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और जरूरत के अनुसार GPS ट्रैकर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

छोटे दुकानदारों के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खर्च एक बड़ी बाधा था। ऐसे में पुलिस ने कम लागत वाले GPS ट्रैकर के इस्तेमाल की उपयोगिता समझाई। इसके बाद कुछ दुकान संचालकों ने ऑनलाइन ट्रैकर मंगवाए।

पुलिस की सलाह पर एक शक्कर की बोरी के भीतर GPS ट्रैकर छिपाकर रखा गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया था कि चोरी की कुछ घटनाओं में आरोपी शक्कर की बोरियों को भी निशाना बनाते थे। इसी आधार पर शक्कर की बोरी को ट्रैकर लगाने के लिए चुना गया।

यही इंतजाम आगे चलकर जांच में अहम साबित हुआ।

कोतमरा की दुकान में चोरी और पुलिस को मिला सुराग

25 और 26 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात कोतमरा गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान में चोरी की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, चोर दुकान से खाद्यान्न के साथ GPS ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी भी उठा ले गए। उन्हें संभवतः यह जानकारी नहीं थी कि बोरी में ट्रैकर छिपाया गया है।

घटना की सूचना मिलने पर पुसौर थाने में अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) और 331(4) में मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद पुलिस ने GPS ट्रैकर से मिलने वाले लोकेशन संकेतों के आधार पर तलाश शुरू की। शुरुआती जानकारी में आरोपियों की गतिविधियां रायगढ़ से धरमजयगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर सामने आईं। पुलिस टीम ने इन संकेतों को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की और दूसरे थाना क्षेत्रों की टीमों से भी समन्वय किया।

पुसौर पुलिस के साथ घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव और रैरूमाखुर्द चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव की टीम भी इस कार्रवाई में शामिल हुई। संयुक्त टीम ट्रैकर के संकेतों का पीछा करते हुए पत्थलगांव पहुंची।

पत्थलगांव में मिली ट्रैकर वाली बोरी, खुलने लगी कड़ियां

पुलिस के मुताबिक, पत्थलगांव में राशन दुकान संचालक सेवाल कुजूर के पास GPS ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी मिली। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि मोहम्मद हफीज, समीर आलम, डमरूधर खूंटे और संतोष कुमार माहेश्वरी चोरी का माल बेचने के उद्देश्य से उसके पास छोड़कर गए थे।

इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और एक इनोवा कार बरामद की। इन वाहनों में चावल की बोरियां रखी हुई थीं। प्रारंभिक पूछताछ में पूर्व की चोरी की घटनाओं और चोरी के खाद्यान्न को कथित तौर पर बेचने के संबंध में भी जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।

हालांकि, आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

तीन चोरी की घटनाओं का खुलासा करने का दावा

रायगढ़ पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पुसौर थाना क्षेत्र में हुई तीन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता बताई है। इन मामलों में ग्राम नवापारा, कोडकेल और कोतमरा की राशन दुकानों से संबंधित चोरी की जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि चोरी और नकबजनी से जुड़े प्रकरणों के साथ चोरी की संपत्ति खरीदने तथा संगठित होकर अपराध करने के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4), 111 और 3(5) भी जोड़ी गई हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें औरदा, तड़ोला, कवाहरिहा, चिखली, बासनपाली, बोंडा, खोखरा, कोटमर्रा, कोडोली, घुटकुपाली, नवापारा और तिलगी सहित विभिन्न गांवों की राशन दुकानों से चावल और शक्कर चोरी होने की घटनाएं शामिल हैं।

इन घटनाओं में अलग-अलग मात्रा में खाद्यान्न चोरी होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, पुलिस ने वर्तमान कार्रवाई के तहत जिन तीन मामलों का खुलासा करने की बात कही है, उनसे इतर सभी पुरानी घटनाओं में आरोपियों की संलिप्तता अभी स्वतः स्थापित नहीं मानी जा सकती। अन्य मामलों में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

38.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 115 बोरी चावल और दो बोरी शक्कर बरामद की गई है। बरामद खाद्यान्न का अनुमानित मूल्य 3.60 लाख रुपये बताया गया है।

इसके अलावा, चोरी में इस्तेमाल की गई क्रेटा और इनोवा कार की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह पुलिस ने कुल 38.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है।

पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के संपर्क पत्थलगांव से सीतापुर तक सक्रिय अन्य लोगों या समूहों से भी हो सकते हैं। इस संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

1. सेवाल कुजूर (52 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 08, कोतबा, जिला जशपुर; वर्तमान निवास मुड़ापारा, थाना पत्थलगांव।
2. समीर आलम (26 वर्ष), निवासी कनकपुर, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर।
3. मोहम्मद हफीज (26 वर्ष), निवासी शांतिनगर तिलडेगा, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
4. संतोष कुमार माहेश्वरी (33 वर्ष), निवासी गोढ़ीकेला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
5. डमरूधर खूंटे (36 वर्ष), निवासी गोढ़ीकेला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।

पुलिस के मुताबिक, चार आरोपियों की भूमिका चोरी की वारदातों में और सेवाल कुजूर की भूमिका कथित तौर पर चोरी का माल खरीदने के मामले में सामने आई है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

एसएसपी ने कहा—संगठित गिरोहों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई को पुलिस और आम नागरिकों के बीच समन्वय तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय राशन दुकानों में चोरी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी के अनुसार, अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी की संपत्ति की बरामदगी और अपराध में सहयोग करने वालों की भूमिका की जांच भी जरूरी है। उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए आम नागरिकों और पुलिस के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

इस प्रकरण के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल उइके के पर्यवेक्षण में पुसौर, घरघोड़ा और रैरूमाखुर्द पुलिस टीम की भूमिका रही।

कार्रवाई में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, रैरूमाखुर्द चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक डोल नारायण साव, प्रधान आरक्षक श्यामलाल महंत, अमित तिर्की तथा आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, रामचरण खांडेकर, ठंडाराम गुप्ता और दिलीप सिदार शामिल रहे।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। GPS ट्रैकर के जरिए चोरी की एक बोरी तक पहुंचने से शुरू हुई कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और खाद्यान्न की बरामदगी हुई है। अब जांच का अगला चरण यह स्पष्ट करना होगा कि गिरफ्तार आरोपी किन-किन घटनाओं में शामिल थे, चोरी का खाद्यान्न कहां खपाया जाता था और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।

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Amar Chouhan

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