इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और डोंगरगढ़ तक पहुंची तलाश; 13 वर्षीय बालिका सकुशल बरामद, 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार

‘अभियान संवेदना’ के तहत कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से मिली अहम जानकारी; नाबालिग के बयान और मेडिकल जांच के बाद प्रकरण में पॉक्सो सहित अन्य धाराएं जोड़ी गईं
रायगढ़। सोशल मीडिया पर होने वाली जान-पहचान किस तरह नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन सकती है, इसका एक मामला रायगढ़ में सामने आया है। इंस्टाग्राम के माध्यम से करीब छह महीने पहले एक युवक के संपर्क में आई 13 वर्षीय बालिका के लापता होने की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, बालिका को रायगढ़ से ट्रेन के जरिए डोंगरगढ़ ले जाया गया था। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर लिया। मामले में 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में गुम बालक-बालिकाओं की तलाश और महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई।
20 अक्टूबर को लापता हुई थी बालिका
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना पुसौर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 21 अक्टूबर 2026 को थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ में अपनी 13 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बालिका रायगढ़ में अपने एक परिचित के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। शिकायत के मुताबिक, 20 अक्टूबर की सुबह वह बिना बताए कहीं चली गई थी।
परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी जब बालिका का कोई पता नहीं चला, तब पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 617/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से मिला सुराग
बालिका की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके परिजनों और सहेलियों से पूछताछ की। इसके साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर उपलब्ध जानकारियों के आधार पर संभावित संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल की गई।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एक युवक पर संदेह गहराया। बालिका और संदेही युवक के लगातार स्थान बदलने के कारण उनकी तलाश में कठिनाई आ रही थी। पुलिस टीम ने पतासाजी जारी रखी और 26 अक्टूबर को रायगढ़ पहुंचने पर बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया।
इंस्टाग्राम पर हुई थी पहचान, डोंगरगढ़ ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए बयान में बालिका ने बताया कि करीब छह महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत, उम्र 18 वर्ष, निवासी भांठापारा, निपनिया से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
बालिका के बयान के अनुसार, 19 अक्टूबर की रात युवक रायगढ़ आया था। अगले दिन, 20 अक्टूबर की सुबह उसने बालिका को रेलवे स्टेशन के पास बुलाया और ट्रेन से डोंगरगढ़ ले गया। वहां से वह उसे अपने एक दोस्त के घर ले गया, जहां बालिका के कथन के मुताबिक उसे चार दिनों तक रखा गया।
पुलिस के अनुसार, बालिका ने युवक पर शादी का प्रलोभन देने और जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। ये आरोप मामले की विवेचना का हिस्सा हैं। प्रकरण में तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
मेडिकल जांच के बाद पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी
पुलिस ने बालिका का बयान दर्ज कराने के साथ उसकी मेडिकल जांच कराई। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 और 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 जोड़ी गई। पुलिस ने आरोपी उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और विवेचना जारी है।
कोतवाली पुलिस की टीम की रही भूमिका
‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, उप निरीक्षक विजय एक्का और हमराह पुलिस स्टाफ की भूमिका रही।
एसएसपी ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर किया सतर्क
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि गुम बालक-बालिकाओं की सकुशल बरामदगी और महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने और सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से संपर्क के मामलों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह भी किया।
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