रायगढ़ में धान खरीदी का दायरा बढ़ेगा, सात नए केंद्रों को मंजूरी
अब जिले में 105 के बजाय 112 केंद्रों पर होगी धान खरीदी, किसानों को नजदीक में मिलेगी उपज बेचने की सुविधा
रायगढ़, 27 अक्टूबर 2026। धान खरीदी के दौरान किसानों को लंबी दूरी तय करने और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च उठाने से राहत दिलाने की दिशा में रायगढ़ जिले को सात नए धान उपार्जन केंद्रों की सौगात मिली है। राज्य शासन ने इन केंद्रों को खोलने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही जिले में धान खरीदी केंद्रों की संख्या 105 से बढ़कर 112 हो जाएगी। नए केंद्र शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पहले की तुलना में नजदीकी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
शासन के इस निर्णय के तहत धरमजयगढ़ विकासखंड के मुनुंद, पुसौर विकासखंड के झलमला, लोहरसिंग, नंदेली, ओडेकेरा एवं नावापारा-अ तथा तमनार विकासखंड के खुरूषलेंगा में नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों की स्थापना से आसपास के गांवों के किसानों को धान बिक्री के लिए दूर स्थित केंद्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
तीन विकासखंडों में खुलेंगे नए केंद्र
धान खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों तक धान पहुंचाना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती रहती है। दूरी अधिक होने पर परिवहन खर्च बढ़ता है। इसके अलावा समय पर धान पहुंचाने, वाहन की व्यवस्था करने और खरीदी केंद्र तक उपज ले जाने में भी परेशानी होती है। ऐसे में गांवों के नजदीक उपार्जन केंद्र उपलब्ध होने से किसानों को व्यावहारिक राहत मिलने की संभावना है।
जिले में नए केंद्रों की स्वीकृति से विशेष रूप से उन गांवों के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां से मौजूदा खरीदी केंद्रों की दूरी अधिक है। हालांकि, किसानों को वास्तविक सुविधा कितनी मिलेगी, यह केंद्रों की समय पर शुरुआत, व्यवस्थाओं की उपलब्धता और खरीदी प्रक्रिया के सुचारू संचालन पर निर्भर करेगा।
79 सहकारी समितियों के माध्यम से होगा संचालन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष रायगढ़ जिले में 79 सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 105 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए गए थे। इस वर्ष सात नए केंद्रों को अनुमति मिलने के बाद इनकी कुल संख्या 112 हो जाएगी।
केंद्रों की संख्या बढ़ने का उद्देश्य धान खरीदी व्यवस्था को किसानों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। इससे उपज बेचने के लिए लगने वाली दूरी और परिवहन संबंधी खर्च में कमी आने की संभावना है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर खरीदी की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज केंद्र तक पहुंचाने की योजना बनाने में भी सहूलियत मिल सकती है।
खरीदी से पहले जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश
नए उपार्जन केंद्रों में केवल खरीदी की अनुमति मिलना ही पर्याप्त नहीं होगा। वहां धान खरीदी से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। शासन के निर्देशानुसार इन केंद्रों में कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर और किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट डिवाइस उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा धान में नमी की जांच के लिए नमी मापक यंत्र तथा वजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र की व्यवस्था की जाएगी। खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, पेयजल, पर्याप्त भंडारण स्थल और केंद्र तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग भी सुनिश्चित किए जाने हैं।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना, किसानों के सत्यापन और तौल संबंधी कार्यों में सुविधा देना तथा धान के सुरक्षित भंडारण के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
समय पर तैयारी पूरी करना होगी अहम चुनौती
नए केंद्रों की स्वीकृति से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब खरीदी शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। केंद्रों पर उपकरणों की उपलब्धता, बिजली और इंटरनेट की व्यवस्था, पर्याप्त स्थान तथा आवागमन की सुविधा सुचारू खरीदी के लिए अहम होंगे।
प्रशासन की ओर से सभी नए उपार्जन केंद्रों में धान बिक्री से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को उपज बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कुल मिलाकर, रायगढ़ जिले में सात नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति खरीदी व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इन केंद्रों को समय पर तैयार कर संचालन शुरू करना जरूरी होगा, ताकि शासन के इस निर्णय का लाभ संबंधित क्षेत्रों के किसानों तक पहुंच सके।
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