छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 5 दिन झमाझम बारिश के आसार; बिजली गिरने को लेकर हाई अलर्ट

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है। बीते 24 घंटों में मौसम प्रणालियों के मजबूत होने के संकेत मिले हैं, जिसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को जारी अपने ताजा पूर्वानुमान में प्रदेशभर में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि यह सक्रिय मानसूनी दौर अगले चार से पांच दिनों तक जारी रहेगा, जिससे प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला देखने को मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और निम्न दाब का प्रभाव प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। यही वजह है कि आसमान में लगातार बादलों का जमाव बना हुआ है और कई क्षेत्रों में एक से अधिक स्पेल में बारिश हो रही है।
गरज-चमक और वज्रपात का खतरा, सतर्क रहने की अपील
बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम कर रहे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, जलाशयों के किनारे और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है, क्योंकि ऐसे स्थान वज्रपात के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इन संभागों में ज्यादा असर, जलभराव की आशंका
पूर्वानुमान के मुताबिक रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में मानसून का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं। लगातार बारिश के चलते शहरी क्षेत्रों के निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
कृषि के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
अगस्त की शुरुआत में मिली यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की बुआई और रोपाई के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और पर्याप्त वर्षा फसल की बेहतर बढ़वार में सहायक होती है। हालांकि, मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और आंधी-तूफान या बिजली कड़कने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
तापमान में गिरावट, उमस से राहत
लगातार बादल छाए रहने और वर्षा की वजह से प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 से 8 अगस्त तक यह सक्रिय मौसम प्रणाली बिना किसी बड़े बदलाव के बनी रहेगी, जिससे बारिश का दौर जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मानसून अब अपने चरम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है—जहां एक ओर यह खेती के लिए संजीवनी साबित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सतर्कता बरतना भी उतना ही जरूरी हो गया है।
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