ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस की लगातार दूसरी कार्रवाई, 90 हजार रुपये का गांजा जब्त

चिकन सेंटर के पास घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ा आरोपी, एक सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग मामलों में 6.830 किलो गांजा जब्त करने की कार्रवाई
रायगढ़, 30 अक्टूबर 2026। जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में ऑपरेशन आघात के तहत खरसिया पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर दूसरी कार्रवाई करते हुए ग्राम कुनकुनी से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 805 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 90 हजार रुपये बताई गई है। मामले में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से पहले 28 अक्टूबर को ग्राम छोटे देवगांव में छापेमारी कर मोहन लाल गुप्ता के कब्जे से 5 किलो 25 ग्राम गांजा जब्त किया गया था। दोनों मामलों में जब्त गांजे की कुल मात्रा 6 किलो 830 ग्राम है। लगातार दो कार्रवाइयों के बाद खरसिया क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के विरुद्ध पुलिस की सक्रियता चर्चा में है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को खरसिया थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कुनकुनी निवासी भागीरथी पटैल अवैध बिक्री के लिए गांजा लेकर गांव पहुंचने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और ग्राम कुनकुनी में योगेश चिकन सेंटर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम भागीरथी पटैल, पिता स्वर्गीय नकुल प्रसाद पटैल, उम्र 42 वर्ष, निवासी सरईपाली (कुनकुनी) बताया। पुलिस के अनुसार, उसके पास मौजूद थैले की तलाशी लेने पर 1 किलो 805 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी भागीरथी पटैल के विरुद्ध धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की विवेचना जारी है।
अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और उनके वितरण पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ऐसी कार्रवाइयां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। हालांकि, मामले में गांजे की बरामदगी और गिरफ्तारी पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
एसडीओपी के पर्यवेक्षण में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के सतत पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भूमिका निभाई। टीम में एएसआई उमाशंकर घृतांत, प्रधान आरक्षक महेंद्र खरे, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक सत्यनारायण सिदार और अनूप मिंज शामिल रहे।
खरसिया पुलिस की ओर से एक सप्ताह के भीतर गांजा बरामदगी की दो कार्रवाइयां सामने आई हैं। अब आगे की विवेचना में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जब्त मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।
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